अभियान संवेदना के तहत दुष्कर्म के आरोपी को महिला थाना पुलिस ने सक्ती जिले से किया गिरफ्तार, भेजा न्यायिक रिमांड पर.
शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी पर महिला थाना की त्वरित कार्रवाई.
रायगढ़ : महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अभियान ‘संवेदना’ के तहत महिला थाना रायगढ़ ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पीड़िता की शिकायत पर तत्काल अपराध दर्ज कर पुलिस टीम ने सक्ती जिले में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया और चिकित्सीय परीक्षण के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की त्वरित कार्रवाई को महिला सुरक्षा अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अभियान ‘संवेदना’ के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में महिला थाना रायगढ़ पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत पर तत्काल अपराध दर्ज कर दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है।
मिली जानकारी के अनुसार 28 वर्षीय पीड़िता ने महिला थाना में लिखित शिकायत प्रस्तुत कर बताया कि वर्ष 2024 में निजी वित्तीय कंपनी से ऋण लेने के दौरान उसकी पहचान कंपनी में फाइनेंसर के रूप में कार्यरत हितेश कुमार केंवट से हुई थी। हितेश लोन रूपये लेने इसके घर आता जाता था, इस दौरान आरोपी ने विवाह का विश्वास दिलाकर उसके साथ उसके रायगढ़ के किराये के मकान में संबंध बनाए। माह अप्रैल 2026 में युवती को हितेश के किसी अन्य युवती से विवाह तय होने की जानकारी मिली, तब हितेश के घर जाकर उसके घरवालों से बात की, जहां हितेश शादी से इंकार कर दिया। युवती के लिखित आवेदन पर महिला थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 59/2026 के तहत धारा 69 भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करते हुए तत्काल डीएसपी उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में कार्रवाई प्रारंभ की गई। गठित टीम ने सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी हितेश कुमार केवट (26 वर्ष) पिता गौतम प्रसाद केवट, निवासी ग्राम कांसा, थाना डभरा, जिला सक्ती को हिरासत में लिया। पूछताछ एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई, चिकित्सीय परीक्षण तथा गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इस प्रकरण की कार्रवाई में उपनिरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उपनिरीक्षक सरस्वती महापात्रे एवं महिला थाना स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
