राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो के लिए बना सहारा-हितग्राही ललिता

समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के जरूरत मंद व्यक्तियों एवं परिवारों के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभांवित कर उनके आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में प्रयासरत है। प्रदेश सरकार द्वारा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना पौनी-पसारी व्यवसाय से जुड़े लोगों, भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक मदद देने एवं उनकी उन्नति के लिए संचालित किया जा रहा है।

इसी तारतम्य में जशपुर जिले में राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजना का लाभ देने का  कार्य किया जा रहा है। जिससे की पात्र हितग्राहियों को आर्थिक रूप से मदद मिल सके। उक्त योजना से जशपुर जनपद की गम्हरिया निवासी ललिता बाई को लाभांवित किया गया है। ललिता बताती है कि राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो के लिए सहारा बनी है। उनके परिवार के पास स्वयं की कोई कृषि भूमि नहीं है। उनका परिवार की स्थिति आर्थिक रूप से कमजोर है और वे अपनी जीवनयापन रोजी मजदूरी से चलाते है।  उन्होंने बताया कि भूमिहीन मजदूर परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने बहुत ही सराहनीय पहल शुरू की है। ऐसे परिवार जिनका मजदूरी के अलावा कोई अतिरिक्त आय का स्त्रोत नहीं है। आज उन्हें भी आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सार्थक योजना का प्रांरभ किया है। जिसका निश्चित रूप से लाभ मिल रहा है।

ललिता ने प्रदेश सरकार को राजीव गांधी भूमिहीन कृषक मजदूर न्याय योजना प्रारंभ करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इस योजना से उनके परिवार को आर्थिक रूप से मदद प्राप्त हो रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार प्रारंभ से लोकहितैषी योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को निरंतर लाभ पहंुचा रही हैै। योजना के तहत् भूमिहीन कृषि मजदूर व्यक्ति जिनके पास कोई कृषि भूमि न हो साथ ही जिनके जीविका का मुख्य साधन शारीरिक श्रम करना है ऐसे परिवार को 6 हजार रूपए वार्षिक रूप से प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ाई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित जैसे परंपरागत व्यवसाय एवं वनोपज संग्राहक परिवार को लाभ दिया जा रहा है।

Related posts