टीबी पर वार के लिए जशपुर में एकजुट हुआ स्वास्थ्य अमला! 41 सदस्यीय टीम मैदान में उतरेगी, घर-घर तलाशे जाएंगे संभावित मरीज—जांच और इलाज से जोड़ा जाएगा

CMHO कार्यालय के सभाकक्ष में TBMJA (टीबी मुक्त जनजातीय अभियान) की परिचयात्मक बैठक आयोजित, जशपुर में टीबी नियंत्रण के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर

जशपुर : जिले में टीबी की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार से जोड़ने तथा सामुदायिक स्तर पर टीबी नियंत्रण गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से नवगठित TBMJJA (टीबी मुक्त जनजातीय अभियान) परियोजना टीम की परिचयात्मक एवं समन्वय बैठक 12 अगस्त 2026 को CMHO कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला स्वास्थ्य विभाग एवं परियोजना टीम के बीच बेहतर समन्वय, मैदानी गतिविधियों और परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

TBMJJA (टीबी मुक्त जनजातीय अभियान) परियोजना का क्रियान्वयन पीरामल स्वास्थ्य मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (PSMRI) द्वारा केंद्रीय टीबी प्रभाग (CTD), भारत सरकार, राज्य टीबी कार्यालय (STO), छत्तीसगढ़ तथा जिला क्षय नियंत्रण विभाग, जशपुर के सहयोग से किया जा रहा है। बैठक में CMHO डॉ. जी.एस. जत्रा, जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO) डॉ. रोशन बरियार, जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) रुस्तम अंसारी, PPM Coordinator ईश्वर पटले, जिला डेटा प्रबंधक (DDM) निरंजन प्रसाद गुप्ता, PSMRI के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) हेमंत नाथ, अन्य शासकीय प्रतिनिधियों तथा PSMRI जशपुर के 41 कर्मचारियों ने सहभागिता की।

बैठक की शुरुआत सभी टीम सदस्यों एवं शासकीय प्रतिनिधियों के परिचय के साथ हुई। इसके बाद PSMRI के जिला कार्यक्रम प्रबंधक हेमंत नाथ ने पीरामल स्वास्थ्य एवं TBMJJA परियोजना का परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने परियोजना के उद्देश्य, अपेक्षित परिणाम तथा जशपुर जिले में सामुदायिक स्तर पर टीबी की पहचान, स्क्रीनिंग, जांच एवं रेफरल गतिविधियों को मजबूत करने की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत अधिकांश गतिविधियां सामुदायिक स्तर पर कैंप मोड में संचालित की जाएंगी, जिसके तहत संभावित टीबी मरीजों की पहचान के लिए घर-घर भ्रमण, समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग, आवश्यक जांच एवं लैब टेस्टिंग तथा संदिग्ध मरीजों को आगे की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की गतिविधियां की जाएंगी। उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एवं मैदानी टीमों के बीच बेहतर समन्वय को आवश्यक बताया।

इसके बाद CMHO डॉ. जी. एस. जत्रा ने परियोजना टीम को पूर्ण सहयोग एवं समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि टीबी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग, मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा परियोजना टीम के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।

जिला क्षय रोग अधिकारी (DTO) डॉ. रोशन बरियार एवं जिला टीबी टीम ने TBMJJA परियोजना की टीम को आवश्यक मैदानी सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विभागीय समन्वय उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। बैठक में टीबी की रोकथाम, संभावित मरीजों की पहचान, जांच, रेफरल तथा उपचार सेवाओं से जोड़ने में विभिन्न हितधारकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि परियोजना के अंतर्गत कार्य करने वाले लैब टेक्नीशियन एवं रेडियोग्राफर को मैदानी गतिविधियां शुरू करने से पहले शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं अनुभव प्रदान किया जाए, ताकि वे स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से समझकर प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें।

DPC रुस्तम अंसारी ने टीबी, उसके सामान्य लक्षणों तथा बीमारी की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार से जोड़ने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नियमित समन्वय, समीक्षा एवं मैदानी समस्याओं के समाधान के लिए साप्ताहिक सेक्टर स्तरीय बैठकों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने टीम को कार्यक्रम से जुड़े प्रश्नों, मैदानी चुनौतियों एवं कार्यान्वयन प्रक्रियाओं के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

DDM निरंजन प्रसाद गुप्ता ने RHO, ASHA, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW), फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) तथा ब्लॉक स्तर की स्वास्थ्य टीमों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत सामुदायिक सहभागिता और मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सहयोग से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान एवं रेफरल गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि समुदाय में लोगों को सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए पोषण आहार हेतु उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अन्य लाभकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया जाए, ताकि पात्र टीबी मरीज इन सुविधाओं का समय पर लाभ उठा सकें। उन्होंने मैदानी टीमों को इन सरकारी सुविधाओं एवं लाभों की जानकारी समुदाय तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।

TBMJJA (टीबी मुक्त जनजातीय अभियान) परियोजना के अंतर्गत जशपुर जिले के चार ब्लॉक पत्थलगांव, फरसाबहार, बगीचा एवं कांसाबेल में टीबी की पहचान, स्क्रीनिंग, जांच, रेफरल एवं सामुदायिक स्तर की गतिविधियों को मजबूत किया जाएगा।

बैठक में परियोजना टीम एवं जिला स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने तथा मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक का समापन टीबी नियंत्रण के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एवं PSMRI की टीम द्वारा आपसी सहयोग और सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

यह बैठक जशपुर जिले में टीबी नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत और समन्वित पहल की शुरुआत के रूप में महत्वपूर्ण रही, जो समुदाय तक टीबी की पहचान, स्क्रीनिंग, जांच, रेफरल एवं उपचार संबंधी सेवाओं की पहुंच को और सुदृढ़ करने में सहायक होगी।

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