बाल अपराध पर रोकथाम और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर, नारायणपुर पुलिस ने आयोजित की विशेष कार्यशाला; CWPO और SJPU की भूमिका समझाई

बाल संरक्षण विषय पर नारायणपुर पुलिस द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण आयोजित

नारायणपुर : नारायणपुर पुलिस द्वारा बाल संरक्षण एवं बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विषयों पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी एवं कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से आज दिनांक 08 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारायणपुर के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में प्रशिक्षक रामनारायण वर्मा एवं सरवत हुसैन नकवी द्वारा जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं अन्य पुलिस कर्मचारियों को बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यशाला के दौरान बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिस की भूमिका, बाल संरक्षण कानूनों एवं प्रक्रियाओं, बच्चों के अधिकारों तथा बाल अपराध से जुड़े प्रकरणों में पुलिस द्वारा की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों द्वारा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (CWPO) एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) की भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। बच्चों से जुड़े प्रकरणों में पुलिस द्वारा अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली, संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय तथा जरूरतमंद बच्चों को उचित संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

कार्यशाला में बाल संरक्षण से संबंधित मामलों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा बच्चों के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील एवं बाल हितैषी व्यवहार किए जाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। साथ ही बाल अपराध की रोकथाम एवं बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुलिस की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों के बेहतर एवं प्रभावी निराकरण, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि तथा बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

इस प्रशिक्षण से जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित पुलिस कर्मचारियों को बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशीलता एवं दक्षता के साथ कार्य करने में सहायता मिलेगी तथा जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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