‘कागज का प्रमाण’ बना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी, पहाड़ी कोरवा परिवारों को 15 दिनों में मिला जाति प्रमाण पत्र; शिक्षा, छात्रवृत्ति और शासकीय योजनाओं तक पहुंच हुई आसान

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 कहानी बदलाव की: पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला अधिकार,

जाति प्रमाण पत्र बना शिक्षा और शासकीय योजनाओं का आधार

मनीषा बाई, पार्वती बाई, निर्मला बाई एवं विकास राम को मिला जाति प्रमाण पत्र

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवारों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में बगीचा तहसील द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत ग्राम कुरहटेपना (बुटंगा), विकासखंड बगीचा निवासी मनीषा बाई, पार्वती बाई, निर्मला बाई एवं विकास राम को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवारों एवं सदस्यों को केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इसी दिशा में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदन के 15 दिनों के भीतर निर्धारित समय-सीमा में जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया।

 जाति प्रमाण पत्र से शिक्षा और योजनाओं का लाभ हुआ आसान

जाति प्रमाण पत्र प्राप्त होने से हितग्राहियों के बच्चों को विद्यालय में छात्रवृत्ति योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है।

प्रमाण पत्र के माध्यम से पात्रता संबंधी प्रक्रियाओं में सहायता मिल रही है तथा शासन की विशेष योजनाओं में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लाभ प्राप्त करने का मार्ग सुगम हुआ है।

हितग्राहियों ने बताया कि वे ग्राम कुरहाटेपना (बुटंगा) की निवासी हैं और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय से संबंधित हैं।

जाति प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण उनके बच्चों को विद्यालय में छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने लगभग 15 दिन पहले जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।

निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त होने से अब बच्चों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल रहा है।

जाति प्रमाण पत्र मिलने पर हितग्राहियों ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र मिलने से उनके बच्चों की शिक्षा और शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हुई है।

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