नवरात्रि मेले में यात्रियों की सेहत को लेकर रेलवे अलर्ट :  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 280 स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता और स्वच्छता की सघन जांच, जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा नवरात्रि मेले के दौरान यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. देवेश कुमार के नेतृत्व में संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत रेलवे के सभी स्टेशनों एवं प्रमुख परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता, उपलब्धता, स्वच्छता और रखरखाव व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. देवेश कुमार एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मंगला नारायण के निर्देशन में पेयजल की गुणवत्ता की व्यापक जांच की जा रही है । स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा मौके पर ही पेयजल में अवशिष्ट क्लोरीन (Residual Chlorine) एवं कुल घुलित ठोस पदार्थों (TDS) की जांच की गई। साथ ही, जीवाणु एवं रासायनिक परीक्षण के लिए पेयजल के नमूने भी संकलित किए जा रहे है।

इस अभियान के अंतर्गत नवरात्रि मेले के प्रमुख स्टेशन डोंगरगढ़ सहित विभिन्न स्टेशनों पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, खाद्य संरक्षा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा अन्य संबंधित विभागों के निरीक्षकों के समन्वय से निर्धारित स्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान पेयजल की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 280 स्टेशनों के साथ रेलवे कॉलोनियों, अस्पतालों, कार्यालयों एवं अन्य प्रमुख परिसरों में उपलब्ध प्रत्येक पेयजल स्रोत को इस अभियान में शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत नल, वाटर कूलर, वाटर बूथ, वाटर फिल्टर सहित विभिन्न पेयजल सुविधाओं का निरीक्षण एवं नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि यात्रियों, रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

पेयजल के नमूनों की जांच के दौरान जहां भी निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार की आवश्यकता पाई जाती है, वहां संबंधित पेयजल स्रोतों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके पश्चात पुनः नमूने लेकर जांच की जाती है, ताकि पेयजल में अवशिष्ट क्लोरीन की निर्धारित मात्रा बनाए रखने सहित गुणवत्ता संबंधी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

अभियान के दौरान सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई, स्वच्छता एवं रखरखाव व्यवस्था का भी बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेयजल गुणवत्ता की निगरानी के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है।

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