आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं सांस्कृतिक विधाओं का अभिलेखीकरण कार्य प्रगति की जगदलपुर कलेक्टर ने की समीक्षा

जनजाति संस्कृति के संरक्षण एवं सांस्कृतिक विधाओं के अभिलेखीकरण हेतु जिला स्तर पाँच समितियाँ गठित

समदर्शी न्यूज़ जगदलपुर

कलेक्टर रजत बंसल ने सभी समाज प्रमुखों से कहा कि समाज की परंपरागत नृत्य,भाषा, किताबीकरण के लिए जानकर व्यक्तियों की जानकारी  प्रशासन से साझा करें जिससे इनके अभिलेखीकरण में सहायता मिल सके। कलेक्टर बंसल आज समाज प्रमुखों से जनजाति संस्कृति के संरक्षण एवं सांस्कृतिक विधाओं के अभिलेखीकरण और बादल ( बस्तर आर्ट,डांस एंड लेंग्वेज अकादमी) के सम्बंध में जिला कार्यालय के प्रेरणा हाल में चर्चा कर रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत ऋचा प्रकाश चौधरी, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, एसडीएम जी आर मरकाम, आदिवासी विकास विभाग के उपायुक्त विवेक दलेला सहित सभी समाजों के प्रमुख उपस्थित रहे।

आदिवासी विकास  उपायुक्त श्री दलेला ने बताया कि जनजाति संस्कृति के संरक्षण एवं सांस्कृतिक विधाओं के अभिलेखीकरण हेतु जिला स्तर पाँच समितियाँ गठित की गई है। जो कि बस्तर में निवासरत जनजाति ताना-बाना, धार्मिक रीति- रिवाज, त्यौहार अभिलेखीकरण समिति। बस्तर संस्कृति लोक नृत्य, लोकगीत अभिलेखीकरण समिति।  बस्तर जिला के समिद्ध साहित्य, मुहावरे, एवं लोकोकित्याँ अभिलेखीकरण समिति। शारीरिक बनावट, निवास, मेला, जात्रा, संबंधित अभिलेखीकरण समिति। बस्तर की पुरातात्विक सम्पदा पर्यटन वन औषधि, कौशल शिल्पकला अभिलेखीकरण समिति। समितियों ने कुछ समाजों का अभिलेखीकरण का कार्य लगभग पूरा कर लिया है, जबकि कुछ समाज का अभिलेखीकरण प्रगति पर है।

बैठक में अभिलेखीकरण कार्य को पुस्तक रूप देने, क्षेत्र में भ्रमण कर लोक गीत, कहानी गीत, ठशा आदि को संग्रहण कर लिपिबद्ध करने, समाजों की भवनों के लिए ज़मीन, देवगुड़ी का जीर्णोद्धार,आदिवासी समाजों के प्रमुख विभूतियों की जानकारी के सम्बंध में समाज प्रमुखों से जानकारी ली गई।

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