जशपुर जिला मुख्यालय में बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी का आयोजित हुआ उन्मुखीकरण कार्यशाला: प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में गुणवत्ता वृद्धि के लिए विशेष ध्यान दें- कलेक्टर

समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के दिशा-निर्देश एवं जिला पंचायत के सीईओ संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन हेतु यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत् जिले के आठो विकासखण्ड के बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता, सभी विकासखण्ड के बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी के साथ यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पाण्डेय, संजय दस उपस्थित थे।

कलेक्टर डॉ. मित्तल ने यशस्वी जशपुर के कार्यों के अन्तर्गत प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में गुणवत्ता वृद्धि के लिए सभी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्कूलों की सघन मॉनिटरिंग करने तथा बच्चों को विद्यालय में सीखने का प्रेरक वातावरण निर्माण करने के लिए निर्देशित किया। सभी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय  में पूरे समय रह कर ईमानदारी  और निष्ठा से अध्यापन कार्य  करना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह शैक्षणिक कार्यों की प्रगति की समीक्षा  जिले स्तर पर की जाएगी।

ज़िला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता  ने कहा कि सभी नियमित रूप से स्कूलों  की मॉनिटरिंग करें और  उन्मुखीकरण कार्यशाला में दिये गये निर्देश अनुसार  स्कूलों का संचालन व्यवस्था सुनिश्चित की जाये । अगले  माह किए गये कार्य के प्रगति की समीक्षा की जाएगी ।

यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता के द्वारा यह उन्मुखीकरण कार्यशाला ली गई। नोडल अधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्राथमिक कक्षाओं में किताब पढ़ने की असमर्थता, विद्यार्थियों की अध्ययन में रूचि, उनकी अनियमित उपस्थिति दूर करने के निराकरण पर चर्चा की। विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति तथा  अध्यापन सुनिश्चित करने हेतु मानिटरिंग के बिन्दुओं पर विस्तार से समझाया। आकादमिक रूप से गुणवत्ता सुधार हेतु विद्यालय की ग्रेडिंग, शिक्षकों के कार्यों की ग्रेडिंग, शिक्षकों के विलंब से आने की स्थिति में कारण के उल्लेख के साथ पंजी संधारण, विद्यार्थी दैनंदिनी बनाया जाना, विषय शिक्षकों के द्वारा विद्यार्थियों की कापी का सूक्ष्म अवलोकन, विद्यार्थियों को घर में भी पढ़ने तथा स्वाध्याय को प्रेरित करने हेतु किए जाने उपाय, विद्यार्थियों के पूर्व कक्षा की शैक्षणिक तकमी के दृष्टिगत प्रारंभिक दिनों में वैकलाग लर्निंग कराया जाना शामिल है।

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