70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा निःशुल्क इलाज जिले के 44 स्वास्थ्य केंद्रों में बनाया जा रहा है आयुष्मान वय वंदना कार्ड जशपुर, 27 नवम्बर 2024/ ‘आयुष्मान वय वंदना‘‘ कार्ड के माध्यम से 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत 5 लाख तक निःशुल्क इलाज किए जाने का प्रावधान है। जिले के 44 स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप योजना के तहत जिले के…
Read MoreTag: #Education
जशपुर: नदी में डूबने से हुई मौत, परिवार को मिली आर्थिक मदद
जशपुर 27 नवम्बर 2024/ कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदा में जनहानि के एक मामले में प्रभावित परिजन को आर.बी.सी. 6-4 के तहत् 04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृत दी है। दुलदुला तहसील अंतर्गत ग्राम साजापानी निवासी निर्मल राम का नदी के पानी में डुबने से 11 अगस्त 2024 को मृत्यु हो गई। मृतक के निकटतम वारिस उनके पत्नी काली बाई हेतु 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
Read Moreजशपुर : बेसहारा बुजुर्गों को मिला नया परिवार, जनक वृद्धाश्रम में मिल रहा प्यार, सुलोचनी और तिफिल एक्का को मिला आश्रय
जशपुर 27 नवम्बर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार बेसहारा और असहाय वृद्धजनों को सहारा मिले इस उददेश्य से जिले में समाज कल्याण विभाग के तत्वाधन में छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान द्वारा संचालित जनक वृद्धाश्रम बांकीटोली में संचालित हैं। जहां वृद्धजनों और बेसहारो को सहारा मिल रहा है। इसी कड़ी में पत्थलगांव विकासखण्ड के ग्राम बांसपारा निवासी 60 वर्षीय श्रीमती सुलोचनी मिंज और 78 वर्षीय श्री तिफिल एक्का को जनक वृद्धाश्रम में संरक्षण प्रदान किया गया है। जनक वृद्धाश्रम बांकीटोली से प्राप्त जानकारी अनुसार बांस पारा निवासी श्रीमती सुलोचनी मिंज…
Read Moreजशपुर निलंबन ब्रेकिंग : होम्योपैथिक डॉक्टर नीलम कुजूर निलंबित, सेवा के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप…देखें आदेश…
जशपुर, 23 नवंबर 2024/ छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला में एक होम्योपैथिक डॉक्टर को उनके पद से निलंबित कर दिया गया है। डॉ. नीलम कुजूर, जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तपकरा, जिला जशपुर में तैनात थीं, पर लगातार अपने कर्तव्यों से अनुपस्थित रहने का आरोप लगा था। डॉ. कुजूर लगातार बिना सूचना के अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहती थीं। उन्होंने कई महीनों का उपस्थिति पत्रक जमा नहीं किया था। उन्हें मरीजों को वितरण के लिए दी जाने वाली होम्योपैथी दवाइयां नहीं ले रही थीं। वे मासिक समीक्षा बैठकों में भी शामिल नहीं…
Read More