भाजपा नेताओं के परिजनों के ऊपर नान घोटाला, पनामा पेपर मामला, नकल प्रकरण, जमीन कब्जे के कई आरोप है रायपुर/21 जुलाई 2025। मंत्री केदार कश्यप के गजनी वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मंत्री केदार कश्यप को याद होना चाहिए उनकी पत्नी के स्थान पर उनकी साली ने परीक्षा दिया था, जिस पर नकल प्रकरण बना था। नान घोटाला में तत्कालीन मुख्यमंत्री के परिजनों के नाम नान डायरी में दर्ज हैं। पनामा पेपर मामले में भाजपा के…
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भाजपा के नेता खुद मान रहे हैं अपनी सरकार की नाकामी” – कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर का बड़ा हमला, भाजपा में बढ़ते असंतोष पर बोले – जनता ही नहीं, अब नेता भी हो गए हैं नाखुश
रायपुर /20जुलाई 2025/ भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुऐ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के नीतियों से किसान युवा मजदूर व्यापारी छात्र महिलाएं नाराज है ही भाजपा के नेता कार्यकर्ता भी नाखुश है।भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने लैलूंगा और धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाया उन्होंने लिखा कि क्या लैलूंगा और धर्मजयगढ़ विधानसभा की जनता खराब सड़कों के कारण रोड…
Read Moreखाद बीज का अभूतपूर्व संकट, डीएपी के लिये भटक रहे हैं किसान : भाजपा सरकार किसानों के लिए डबल नहीं, ट्रबल इंजन साबित हो रही – सुरेंद्र वर्मा
रायपुर/26 मई 2025। खरीफ की बुवाई और थरहा के लिए पूरे प्रदेश में खाद और बीज के संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रही है। मानसून केरल आ चुका है, पूरे प्रदेश में खरीफ फसल के बुवाई की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, खुर्रा वाले किसान प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह…
Read Moreहम भी बस्तर में शांति चाहते है लेकिन बस्तर के लोगों के जान माल से समझौता नहीं – दीपक बैज
रायपुर/29 अप्रैल 2025। इंद्रावती बचाव अभियान के दूसरे दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हम भी बस्तर में शांति चाहते है, लेकिन बस्तर के आदिवासियों के जान माल से समझौता नहीं करेंगे। क्या नक्सलियों के आड़ में आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन और संसाधन को छीनने की साजिश तो नही हो रही? हम शुरू से शंका करते रहे है और यह सब इस सरकार में हुआ भी है। बैलाडीला के संसाधन और पहाड़ को निजी हाथों में बेच दिया गया। कांकेर खदानों को बेच दिया। क्या गारंटी…
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