‘तुझी से शाम हो जाना, तुझी से भोर हो जाना’ सुनकर गूँज उठा तालियों का शोर – चक्रधर समारोह में अमर हो गई कवि कुमार विश्वास की वाणी

कवि डॉ.कुमार विश्वास की ओजस्वी कविता-पाठ से गूँजा चक्रधर समारोह, दर्शक हुए भाव-विभोर रायगढ़, 28 अगस्त 2025/ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह के मंच पर सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास की ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण काव्य-पाठ ने समा बाँध दिया। उनकी कविताओं और गीतों ने दर्शकों को हँसी, भावुकता और विचारों की गहराई से भर दिया। डॉ.कुमार विश्वास ने जब अपनी लोकप्रिय पंक्तियाँ तुझी से शाम हो जाना, तुझी से भोर हो जाना… सुनाईं तो पूरा सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट से गूँज उठा। उन्होंने अपने काव्य पाठ में मिले हर…

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पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की अंतिम कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” का हुआ विमोचन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – हास्य कवि डॉ. दुबे अपनी हँसती-गुदगुदाती कविताओं के माध्यम से सदैव रहेंगे हमारे बीच जीवित

पद्मश्री डॉ. दुबे ने देश-विदेश में बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह रायपुर, 08 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की जयंती के अवसर पर उनकी अंतिम काव्य कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” के विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह आयोजन राजधानी स्थित मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की। मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने…

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