शिक्षक विहीन 453 स्कूलों को मिले शिक्षक, एकल शिक्षकीय 5936 में दिखा सुधार — बिना किसी पद समाप्ति के हुआ ऐतिहासिक बदलाव

युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सशक्त — शिक्षकों का कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश में हुआ स्कूल और शिक्षक युक्तियुक्तकरण रायपुर, 18 जुलाई 2025/ शिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नीति-आधारित दृष्टिकोण के साथ संपन्न की गई है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों के किसी भी पद को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय…

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16 जून से छत्तीसगढ़ में शाला प्रवेश उत्सव की शुरुआत: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों से की सहभागिता की अपील

शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल रायपुर, 13 जून 2025/ छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है…

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युक्तियुक्तकरण का फैसला छात्रों के हित में : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

शिक्षा की गुणवत्ता में होगा सुधार, शिक्षकों का असंतुलन दूर होगा शिक्षकों की भर्ती की जाएगी वित्त विभाग को शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव भेजा गया है, स्वीकृति मिलने पर भर्ती निकाली जाएगी  शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में हो सकेगी अतिशेष शिक्षकों की तैनाती रायपुर, 27 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत आज रायगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य सरकार का युक्तियुक्तकरण का फैसला छात्रों के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा…

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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण : स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर, 17 मई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अधिक सशक्त, संतुलित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण किए जाने की पहल की है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, ताकि शिक्षक संसाधनों का अधिकतम और समान उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में 30 हजार 700 शासकीय प्राथमिक शालाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें छात्र-शिक्षक अनुपात 21.84 है। वहीं 13 हजार 149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में यह…

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