दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी दी जा रही है जानकारी
जशपुर 26 अक्टूबर 24/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बगीचा विकास खंड के सन्ना के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं का लाभ भी दिया जा रहा है।
इसके साथ ही बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डां. साक्षी और डॉ अदिति की टीम द्वारा महिलाओं का स्वास्थ्य जांच कर स्वास्थ्य संबंधी विशेष जानकारी दी जा रही है। उनको पोष्टिक आहार हरी साग सब्जी, आयर और खून की मात्रा बढ़ाने वाली दवाईयां की जानकारी देकर दी जा रही है। बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए उचित परामर्श दिया जा रहा है। मरीजों को निःशुल्क दवाई भी उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जगाने स्कूल स्तर पर भी कार्यक्रम किए जा रहे हैं आयोजित
जशपुर, 25 अक्टूबर 2024/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने स्कूल स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में विगत दिवस सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पत्थलगांव में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जेम्स मिंज एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु दल के सभी अधिकारी-कर्मचारी एवं विकासखंड नोडल अधिकारी टी.बी. कार्यक्रम द्वारा शालेय स्वास्थ्य चिकित्सा एवं व्यक्तित्व विकास के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।
जिसमें राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के तहत निर्धारित किए गए 6 मापदंडों की जानकारी दी गई। चिरायु कार्यक्रम के तहत विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी, शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के 0 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर अलग-अलग कैटेगरीवार कुल 44 प्रकार की बीमारियों का पूर्णतः निःशुल्क इलाज कराया जाता है इसकी भी जानकारी दी गई। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चमड़ी पर दिखने वाले चमकदार तेलिया, तामिया, सुन्नपन सहित दाग अगर दिखाई दे रहे हो तो ऐसे व्यक्ति को स्वास्थ्य संस्था में ले जाकर जांच एवं उपचार करने हेतु जागरूक किया गया। मलेरिया डेंगू के बचाव के संबंध में भी जानकारी दी गई। सर्पदंश का इलाज झाड़-फूंक से नहीं कराकर चिकित्सक से इलाज कराने हेतु जागरूक किया गया।
आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी व्यक्तियों का कार्ड बनाए जाने हेतु जागरूक किया गया। एनीमिया मुक्त भारत योजना के तहत सभी स्कूलों में प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड की गोली खिलाई जाती है उसकी जानकारी दी गई। कृमि मुक्ति दिवस प्रत्येक 6 माह में मनाया जाता है जिसमें एल्बेंडाजोल की गोली परिवार के सभी सदस्यों एवं बच्चों को खिलाई जाती है इसकी जानकारी भी दी गई। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य, सभी आचार्यगण एवं बच्चे उपस्थित थे।
जशपुर, 25 अक्टूबर 24/ विकासखंड बगीचा के दूरस्थ अंचल में बसे ग्राम तोरा सेक्टर सन्ना में विगत दिवस स्वास्थ्य शिविर लगाया गया डाक्टरों की टीम ने 11 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य जांच निःशुल्क दवाई और परामर्श भी दिया गया स्वास्थ्य शिविर में कुल 40 लोगो का इलाज किया गया जिसमे बहुत से वृद्धजनों का जिन्हें मोतियों बिंद ऑपरेशन की आवश्यकता है। उनके ईलाज के लिए सेक्टर प्रभारी को आदेशित किया गया।
कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में 70 वर्षीय मरीज के दिल का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के द्वारा नक्शा बनाकर, वेन की चौखट को जलाकर, धड़कन को किया कंट्रोल
रायपुर, 24 अक्टूबर 2024/ पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में 70 वर्षीय बुजुर्ग के अनियमित दिल की धड़कन को थ्रीडी- इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विधि से रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन प्रक्रिया के जरिये उपचार कर धड़कन को नियमित किया गया। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुए इस प्रोसीजर में अनियमित दिल की धड़कन के कारण दिल के बायें चैम्बर के वेन की चारों दिशाओं में हुए ब्लॉकेज को थ्रीडी- इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग के जरिए रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन विधि से जलाया गया और धड़कन को नियमित किया गया।
अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर इलाज करने वाली पूरी टीम को बधाई देते हुए कहते हैं ; एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट, हृदय से संबंधित बीमारियों के उपचार की दिशा में निरंतर नई उपलब्धियां दर्ज कर रहा है। एसीआई इस बात का प्रमाण है कि शासकीय अस्पताल इलाज के मामले में किसी से कम नहीं है। हृदय से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज सफलतापूर्वक एसीआई में किया जा रहा है। इस विभाग ने शासकीय अस्पताल के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान को एक अलग पहचान दिलाई है। एसीआई में हुए कुछ उपचार ने विश्व रिकार्ड भी बनाए हैं।
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक उम्र के हर चौथे व्यक्ति को एट्रियल फिब्रिलेशन होने की समस्या हो सकती है। इसमें हार्ट अच्छे से कॉन्ट्रैक्ट नहीं करता या संकुचित नहीं हो पाता। तो हार्ट का जो ब्लड है, वो रुका रहता है और उसमें थक्के बन जाते हैं। यही थक्के ब्रेन में चले गये तो उससे लकवा हो जाता है। इसमें यह पाया गया है कि बाएं तरफ के हार्ट के ऊपर वाले चैम्बर में चार अलग-अलग दिशाओं से वेन्स आती हैं, जो ब्लड लेकर आती है। उन वेन्स से ही 90 से 95 प्रतिशत एट्रियल फिब्रिलेशन की बीमारी होती है। यदि उनके दरवाजों या चौखट को जला दिया गया तो चारों तरफ से यह समस्या खत्म हो जाती है। शासकीय अस्पतालों में अम्बेडकर अस्पताल स्थित एसीआई ही एकमात्र वो संस्थान है जहां थ्रीडी इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विधि से एट्रियल फिब्रिलेशन के उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग के जरिए हृदय की विद्युत गतिविधि का पता चलता है। मनुष्य के शरीर में भी प्राकृतिक विद्युत आवेग या तरंग उत्पन्न होते हैं जो दिल के धड़कन को एक निश्चित रिदम या लय में धड़काते हैं।
ऐसे किया गया प्रोसीजर
डॉ. स्मित श्रीवास्तव के अनुसार इस प्रोसीजर में मरीज के उपचार के लिए सबसे पहले दिल के इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी का बिंदु-बिंदु करके का त्रि-आयामी नक्शा बनाया गया जिसे थ्रीडी-इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग कहते हैं। उसके बाद रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन के माध्यम से उच्च ऊर्जा युक्त रेडियो तरंगों के जरिए ब्लॉकेज को जलाया गया जिससे एट्रियल फिब्रिलेशन नार्मल हो गया। वेन के माध्यम से जो खून की सप्लाई का रास्ता है वहां ब्लॉकेज के कारण चौखट जैसी स्थिति बन जाती है जिसको बिंदु-बिंदु करके साउंड वेब से जला देते हैं और एक पूरा सर्कल बना देते हैं जो चारों तरफ से पल्मोनरी वेन को आइसोलेट कर देते हैं जिससे उनका सम्पर्क मेन चेम्बर से टूट जाता है और धड़कन कंट्रोल हो जाती है। इस प्रक्रिया को पल्मोनरी वेन आइसोलेशन कहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को अम्बेडकर अस्पताल के दो विभागों ने मिलकर एक साथ अंजाम तक पहुंचाया। इसके लिए कार्डियोलॉजी विभाग से डॉ. स्मित श्रीवास्तव के साथ डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. शिव कुमार शर्मा एवं एनेस्थिसियोलॉजी विभाग से डॉ. जया लालवानी ने अपनी मुख्य भूमिका निभाई। यह एक बहुत ही सावधानीपूर्वक किया जाने वाले प्रोसीजर है जिसके पहले मरीज के धड़कन के रिदम को बनाये रखने के लिए एनेस्थिसियोलॉजी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
दिल की धड़कन अनियमित होना (ऐट्रियल फिब्रिलेशन)
दिल की धड़कन अनियमित होने को ऐट्रियल फिब्रिलेशन (आलिंद विकंपन) कहते हैं। यह विकंपन रक्त के सामान्य प्रवाह को बाधित कर सकता है जिससे कारण अनियमित एवं तेज हृदय गति की समस्या उत्पन्न होती है और हृदय में रक्त का थक्का जम जाता है। यह थक्का कई बार दिमाग तक पहुंच जाने से लकवा होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐट्रियल फिब्रिलेशन हृदय के ऊपरी कक्ष (एट्रियल) और निचले कक्ष (निलय) के साथ समन्वय से बाहर हो जाते हैं। इसके लक्षणों में दिल की धड़कन बहुत तेज होना, सांस लेने में परेशानी, और थकान जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एट्रियल फिब्रिलेशन से होने वाली रूकावट के कारण जमने वाली रक्त के थक्कों से स्ट्रोक होने का जोखिम बढ़ जाता है।
जिला अस्पताल में ईश्वर राम यादव के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन, ईश्वर ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
जशुपर, 21 अक्टूबर 2024/ मोतियाबिंद के ऑपरेशन से दृष्टि वापस पाना वाकई में एक नया जीवन मिलने जैसा है। मोतियाबिंद, जिसे कैटरेक्ट भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धुंधला हो जाता है, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। सर्जरी के दौरान, धुंधले लेंस को निकालकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर सुरक्षित और प्रभावी होती है, जिससे मरीज की दृष्टि में काफी सुधार होता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल पर जिले में मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिसके निर्देशानुसार जिला में मोतियाबिंद मुक्त अभियान अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोतियाबिंद के मरीजों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध कराते हुए उनका सफल ऑपरेशन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के सार्थक पहल पर जिला मुख्यालय के मधुवनटोली में निवासरत् मोतियाबिंद से पीड़ित मरीज रिक्शा चालक ईश्वर राम यादव की आंखों में रोशनी लौटी और उन्हें नया जीवन मिला है।
ईश्वर राम यादव कहते हैं कि वे जशपुर के मधुवनटोली का रहने वाला है। वे रिक्शा चलाता है। एक दिन ऐसे ही मेरे ऑख में थोड़ा धुंधला सा दिखने लगा। तब मैने चौक में लगाए गए मोबाईल मैडिकल यूनिट में जाकर डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने बताया कि उनके ऑख में मोतियाबिंद हो रहा है। जिला अस्पताल में जाकर ऑख के डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी उसके दूसरे दिन जिला अस्पताल जाकर डॉक्टर को अपना आंख दिखाया।
डॉक्टर ने जांच करने बाद मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने की सलाह दी। उसके बाद मेरे मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद अब सब अच्छा है। उन्हें अच्छे से दिखाई देने लगा है। उन्होंने ऐसे ही मोतियाबिंद के मरीजों का सहयोग करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।
जशपुर, 20 अक्टूबर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला में मोतियाबिंद मुक्त अभियान अंतर्गत 19 एवं 20 अक्टूबर को 94 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। जिसमें जिला चिकित्सालय जशपुर मे 60 तथा सिविल अस्पताल पत्थलगांव मे 34 मरीजों का सफलतम सर्जरी विजिटिंग सर्जन डॉ. मधुरीमा पैंकरा जिला चिकित्सालय कोरिया, डॉ. रजत टोप्पो जिला चिकित्सालय अंबिकापुर एवं स्थानीय नेत्र सर्जन डॉक्टर अनिता मिंज, सिविल अस्पताल पत्थलगांव एवं डॉ.सी.पी. एक्का जिला चिकित्सालय जशपुर के द्वारा किया गया।
कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन मे मोतियाबिंद सर्जरी का शिविर प्रत्येक सप्ताह विजिटिंग एवं स्थानीय सर्जन द्वारा ऑपरेशन का संपादन किया जा रहा है जिसके तारतम्य में आगामी शनिवार 26 अक्टूबर को सिविल अस्पताल पत्थलगांव एवं जिला चिकित्सालय जशपुर मे मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह जात्रा ने बताया की इस अभियान के तहत जिला चिकित्सालय एवं सिविल अस्पताल पत्थलगांव मे मोतियाबिंद सर्जरी हो रहा है जिसमे पात्र मरीजों का सफल सर्जरी किया जा रहा है इस अभियान मे अब तक इस वित्तीय वर्ष मे 1105 मरीजों का निःशुल्क शुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है जिसमे मरीजों को निःशुल्क परिवहन,भोजन तथा सर्जरी की सुविधा प्रदाय किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने आम जन मानस से अपील कर इस निर्धारित दिवसों मे अधिक से अधिक लाभ उठाने का अपील किया है तथा मोतियाबिंद सर्जरी संबंधित जानकारी के लिए जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर आर एस पैंकरा तथा जिला प्रभारी सलाहकार सत्येंद्र यादव का हेल्प लाइन नम्बर 9131318933, 9340797400 जारी कर शिविर की तिथि आदि की जानकारी हेतु सम्पर्क करने का भी अपील किया है। इसके अतिरिक्त विकासखंड चिकित्सा अधिकारी तथा नेत्र सहायक अधिकारियों से भी सम्पर्क किया जा सकता है। इस अभियान मे लोगों के द्वारा स्वयं जागरूकता दिखाई जा रही है तथा जनजागरूकता एवं सफल शिविर हेतु स्वास्थ्य अधिकारी, कर्मचारियों एवं मितानिनों का अहम योगदान रहा है।
सी.बी.आई.पी. के सहयोग से पॉवर कंपनी मुख्यालय में प्रशिक्षण.
रायपुर, 17 अक्टूबर / छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के मुख्यालय विद्युत सेवा भवन में आज 2 दिवसीय जी.एस.टी. कार्यशाला की शुरूआत अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव के मुख्य आतिथ्य में की गई। इस अवसर पर डॉ. यादव ने कहा कि पॉवर कंपनियों की दक्षता और कार्य निष्पादन में सुधार के लिए यह कार्यशाला बहुत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर कंपनी अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव, उत्पादन कंपनी के एम.डी. श्री एस.के. कटियार, पारेषण कंपनी के एम.डी. श्री राजेश कुमार शुक्ला, वितरण कंपनी के एम.डी. श्री भीमसिंह कंवर, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एण्ड पॉवर (सी.बी.आई.पी.) के डायरेक्टर श्री संजीव सिंह तथा उनके साथ आई फैकल्टी का स्वागत किया गया। अपने संबोधन में डॉ. रोहित यादव ने कहा कि उन्हें इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात वे जिस पहले कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं वह ट्रेनिंग व स्किलिंग से संबंधित है। ज्यादातर भर्ती के समय एक बार ट्रेनिंग होती है उसके बाद लोग अपने-अपने कामों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि ट्रेनिंग की बातें पीछे छूट जाती हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक स्टेट पॉवर कंपनियों की बात है तो हमारे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अच्छी है। यहां काम काफी प्रोफेशनल तरीके से किया जाता है। जिसके लिए यहां के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। हमारी कंपनियों को बहुत तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्पादन में ही लें, तो निजी क्षेत्र या स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों से लेकर प्रोद्यौगिकी को लेकर भी चुनौतियां हैं। ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी को लेकर बड़े लक्ष्य हैं। अपनी क्षमताओं को प्रतिस्पर्धा में बनाएं रखने के लिए लगातार सुधार की जरूरत है। इसमें हमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एण्ड पॉवर का साथ मिलना बहुत महत्वपूर्ण है। मैं चाहूंगा कि आप जी.एस.टी. को लेकर हमारे यहां जो सुधार संभव हो, उसके लिए मार्गदर्शन करें। हमारे अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ 2 दिन ही नहीं बल्कि आगे भी आपसे जुड़े रहें।
इस अवसर पर सी.बी.आई.पी. के डायरेक्टर श्री संजीव सिंह ने जी.एस.टी. पर वर्कशॉप के लिए पॉवर कंपनी की पहल की सराहना की। उनके साथ फैकल्टी मेंम्बर्स के रूप में श्री राजीव गुप्ता सीनियर फाइनेंशियल एडवाइजर, श्री सौरभ अग्रवाल, श्री भावेश मित्तल, सुश्री निकिता अग्रवाल भी आए थे। अतिथियों का स्वागत ई.डी. फाइनेंस श्री एम.एस. चौहान, श्री आलोक सिंह, श्री संदीप मोदी, श्रीमती नंदिनी भट्टाचार्य, श्री मुकेश कश्यप, श्री जी.के. राठी तथा श्री अरविंद चंद्राकर द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया।
जशपुर, 16 अक्टूबर/ जिला स्तर पर टी बी मुक्त बनाने का आभियान जोर शोर से चल रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ. मित्तल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगाँव के सभा कक्ष में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेम्स मिंज द्वारा विकास खण्ड समन्वयक मितानिन कार्यक्रम, मितानिनों और प्रशिक्षकों का बैठक लिया गया। बैठक में सभी 84 ग्राम पंचायतों को टी बी मुक्त बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
टी बी मुक्त आभियान के तहत 6 मापदण्ड निर्धारित किए गए हैं। जिसमें प्रति एक हजार जनसंख्या में 30 संदेहास्पद व्यक्तियों का खंखार जाँच करने एवं उनका यूडीएसटी, ट्रूनॉट, एचआइवी, शुगर जाँच कराना और जाँच कराने के उपरांत पॉजिटिव केस निकलने पर उसका निक्षय पोर्टल में ऑनलाइन एन्ट्री सुनिश्चित करने तथा पॉजिटिव व्यक्ति को दवाई देकर उपचार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी चिकित्सक एवं विकास खण्ड नोडल अधिकारी टी बी उपस्थित थे।
”हमारी संस्कृति हमारी धरोहर” पुस्तक भारतीय संस्कृति, धार्मिक पूजा-पाठ की कहानियों और सामाजिक रीति-रिवाजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक विशेष प्रयास है – लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग.
राजनांदगांव, 16 अक्टूबर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 15 अक्टूबर 2024 को म्युनिसिपल स्कूल प्रांगण में आयोजित विराट कवि सम्मेलन में श्रीमती सीमा गर्ग द्वारा लिखित ”हमारी संस्कृति हमारी धरोहर” किताब का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग को किताब के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग ने बताया कि ”हमारी संस्कृति हमारी धरोहर” किताब भारतीय संस्कृति, धार्मिक पूजा-पाठ की कहानियों और सामाजिक रीति-रिवाजों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक विशेष प्रयास है। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य ने नई पीढ़ी को संस्कृति से कुछ हद तक दूर कर दिया है। ऐसे में यह किताब एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शिका साबित होगी। बताते चले कि लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग की माँ है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग ने कहा कि ”हमारी संस्कृति हमारी धरोहर” किताब हमारी सांस्कृतिक धरोहर को न केवल संजोकर रखेगी, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए इसे समझने और अपनाने में भी मददगार होगी। उन्होंने बताया कि इस किताब को लिखने की प्रेरणा कोविड महामारी के दौरान अपने बड़े बेटे की शादी के समय मिली। उन्होंने देखा कि नारायणपुर जिले में शादी के समारोहों के दौरान हमारे पारंपरिक रीति-रिवाजों के प्रति नई पीढ़ी की जागरूकता कम होती जा रही है। इस अनुभव को ध्यान में रखते हुए एवं वर्षों के अनुभव और पुरखों से सीखे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों तथा पूजा अनुष्ठानों की जानकारी इस किताब में संकलित की गई है। यह किताब न केवल सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करती है, बल्कि यह एक अनूठा और वस्तुत: पहला ऐसा संकलन है। जिसमें विभिन्न रीति रिवाज और पूजा पाठ की कहानियों और विधियों का समावेश है। इस किताब को लिखने में परिवार का पूरा सहयोग मिला है।
उल्लेखनीय है कि लेखिका श्रीमती सीमा गर्ग का जन्म हरियाणा राज्य के करनाल जिले के सालवन गांव में हुआ था, लेकिन वे पिछले 35 वर्षों से दिल्ली में रह रही हैं। वे एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला हैं और कुशल गृहिणी के साथ एक सफल व्यवसायी महिला भी हैं। उनके पति श्री रोशन लाल गर्ग दिल्ली सरकार में डीएसआईआईडीसी में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद से रिटायर हो चुके हैं और अब एक सफल व्यवसाय का संचालन कर रहे हैं। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे श्री मोहित गर्ग भारतीय पुलिस सेवा के 2013 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में राजनांदगांव जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। बहु श्रीमती जागृति गर्ग प्राइवेट सेक्टर में जनरल मैनेजर हैं। उनकी बेटी श्रीमती आरती गर्ग टिबडेवाल एक मंडल आर्टिस्ट हैं और उनके पति श्री नीरज टिबडेवाल तेलंगाना कैडर में 2019 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं। छोटा बेटा श्री रोहित गर्ग अंतर्राष्ट्रीय कंसल्टेंसी कंपनी बीसीजी में कंसलटेंट के पद पर दिल्ली में कार्यरत हैं।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री श्री विजय शर्मा, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, खेलकूद एवं युवा कल्याण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री श्री टंकराम वर्मा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यन्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल, वाणिज्य-उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भरतपुर-सोनहत श्रीमती रेणुका सिंह आरंग विधायक गुरू खुशवंत साहेब, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद श्री मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, श्री महेश गागड़ा, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी व बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।
जशपुर, 15 अक्टूबर/ विश्व हाथ धुलाई दिवस हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद लोगों को साबुन और पानी से हाथ धोने के महत्व के बारे में जागरूक करना है। जानकारों के अनुसार हाथ धोकर भोजन करने से गंदगी से होने वाली कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
यूनिसेफ के तरफ से जारी संदेश में बताया गया है कि विश्व हाथ धुलाई दिवस पर हर महत्वपूर्ण मौके पर साबुन से हाथ जरूर धोना चाहिए। खाना खाने और परोसने से पहले, खाना बनाने और बच्चों को खिलाने से पहले, शौच के बाद और बच्चे के मल निपटान के बाद हाथ अच्छे से साफ करना चाहिए। इससे गंदगी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।