मुख्यमंत्री कैंप बगिया में गणेश उत्सव का समापन, : 11 दिनों तक विराजमान रहे गणपति, आज हुआ विसर्जन, झारखंडी लोक नृत्यों ने बांधा समां

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समदर्शी न्यूज़ बगिया/जशपुर, 17 सितंबर/ श्री गणेश जी का विसर्जन आज बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। ढोल-नगाड़ों की धुन पर भक्तों ने रंग-गुलाल उड़ाकर गणपति बप्पा को विदाई दी। इस दौरान पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा। जगह-जगह शोभायात्राएँ निकाली गईं, जिनमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। गणेश भक्तों के उत्साह और श्रद्धा ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में 11 दिनों तक विराजे गणपति महाराज

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में भी गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक गणपति महाराज का विधिवत पूजन और स्थापना की गई थी। यहां 11 दिनों तक गणेश जी की प्रतिमा स्थापित रही, जहाँ आसपास विभिन्न गणमान्य लोगों ने आकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार ने भी गणेश जी की आराधना कर राज्य की समृद्धि और खुशहाली की कामना की। विसर्जन समारोह में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी और उनके परिवार ने भी शिरकत की।

झारखंड के लोक नृत्य बना आकर्षण का केंद्र

बगिया में हुई गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान झारखंड एवं क्षेत्र के विभिन्न लोक नृत्य समूहों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विशेष रूप से छऊ नृत्य और संताल नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन नृत्यों की पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य शैली ने गणेश उत्सव के धार्मिक माहौल में सांस्कृतिक रंग भर दिए।लोक कलाकारों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन के जरिए भारतीय परंपराओं और संस्कृतियों की झलक पेश की। इनके नृत्यों ने विसर्जन यात्रा को और भी भव्य और आकर्षक बना दिया।

बगिया से निकली विसर्जन यात्रा

विसर्जन यात्रा की शुरुआत सीएम कैंप कार्यालय बगिया से हुई, जहाँ से गणेश जी की प्रतिमा को पूरे नगर में घुमाया गया। इस दौरान भक्तजन ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए। सड़कों पर लोगों ने गणेश जी की जय-जयकार करते हुए गुलाल उड़ाया और ढोल-ताशों की गूंज से पूरा नगर गूंज उठा। शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण विसर्जन स्थल पर पहुँचना था, जहाँ विशेष पूजा-अर्चना के बाद गणेश जी का विसर्जन किया गया।

भक्तों ने ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गणेश जी को विदाई दी। विसर्जन स्थल पर पूरी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद थी, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।

समाज में भाईचारे का संदेश

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा की इस भव्य विसर्जन समारोह ने न केवल धार्मिकता बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी दिया। लोग अपने भेदभाव भूलकर एक साथ इस उत्सव में शामिल हुए। गणेश जी का विसर्जन लोगों के दिलों में नए उत्साह और उम्मीदों का संचार कर गया, और सबने अगले साल फिर से इसी उत्साह के साथ गणेश चतुर्थी मनाने की कामना की।

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