प्रेमनगर थाना में धारा 137(2), 65(1), 87 बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध.
लखनऊ उत्तरप्रदेश से अपहृत बालिका को दस्तयाब कर सूरजपुर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार.
सूरजपुर. 05 अगस्त 2025 : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र से लापता एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। आरोपी युवक साहिल उर्फ अमन (उम्र 22 वर्ष), जो कि लखनऊ का निवासी है, को पुलिस ने हिरासत में लेकर धारा 137(2), 65(1), 87 बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। डीआईजी व एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर यह कार्रवाई बेहद संवेदनशीलता और तत्परता के साथ की गई। तकनीकी साक्ष्यों के सहारे सूरजपुर पुलिस ने प्रदेश की सीमा पार कर बालिका को बरामद किया, जो कि पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र अन्तर्गत एक व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री घर से परीक्षा देने गई थी जो वापस नहीं लौटी है, जिसकी काफी खोजबीन करने पर नहीं मिली, किसी अज्ञात आरोपी के द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। सूचना पर थाना प्रेमनगर में गुम इंसान कायमी उपरान्त अपहरण की धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने महिला एवं बच्चों के विरूद्ध अपराध पर संवेदनशील होकर शीघ्रता से कार्यवाही करते हुए अपहृत को दस्तयाब करने के निर्देश दिए थे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रेमनगर नरेन्द्र सिंह पुजारी के मार्गदर्शन में थाना प्रेमनगर पुलिस के द्वारा अपहृत बालिका की लगातार पतासाजी करने के दौरान तकनीक की मदद ली गई, जिससे ज्ञात हुआ कि वर्तमान में अपहृता लखनऊ उत्तरप्रदेश में है। जिसके बाद पुलिस टीम विधिवत् लखनऊ के लिए रवाना हुई और गहन पतासाजी करते हुए आरोपी साहिल उर्फ अमन उम्र 22 वर्ष निवासी लखनऊ उत्तरप्रदेश के कब्जे से अपहृत बालिका को दस्तयाब कर वापस लाया गया। मामले की विवेचना में पृथक से 65(1), 87 बीएनएस व पास्को एक्ट की धारा 6 जोड़ी जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रेमनगर विराट विशी, एएसआई रंजीत सोनवानी, प्रधान आरक्षक विनय किस्पोट्टा, आरक्षक रौशन सिंह, आरक्षक नागेन्द्र प्रसाद राजवाड़े, आरक्षक बृजेश काशी, महिला आरक्षक सिंधू कुजूर, महिला आरक्षक अंजू सिंह सक्रिय रहे हैं।
