अग्रवाल की जान 50 लाख, आदिवासी-ओबीसी सिर्फ 5 लाख”… फेसबुक पोस्ट ने खड़ा किया तूफान
कुनकुरी, 11 सितम्बर 2025: कुनकुरी नगर में सोशल मीडिया पर डाली गई एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उन्होंने अपने अधिकृत फेसबुक अकाउंट से ऐसा भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट किया, जिससे विभिन्न समाजों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश किये जाने का आरोप अग्रवाल समाज द्वारा लगाया जा रहा है। इसे लेकर अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी कुन्कुरी को लिखित शिकायत सौंपी है और एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की है।
पोस्ट से भड़का विवाद
शिकायत के अनुसार, दिनांक 09 सितंबर 2025 को नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में लिखा गया है कि-
“भाजपा के लिए एक अग्रवाल के जान की कीमत 50 लाख है। आदिवासी, ओबीसी, यादव और कुम्हार के जान की कीमत 5 लाख है। #जातिवादी-भाजपा।”
अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस पोस्ट का सीधा उद्देश्य समाज को नीचा दिखाकर बदनाम करना और विभिन्न जातीय वर्गों के बीच वैमनस्य फैलाना था। समाज का आरोप है कि यह बयान न केवल अमर्यादित और आपत्तिजनक है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द्र पर सीधा आघात हुआ है।
अग्रवाल समाज ने जताया आक्रोश
अग्रवाल समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने इस पोस्ट को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इससे समाज की मान-प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पोस्ट समाज और अन्य जातीय समुदायों (आदिवासी, ओबीसी, यादव, कुम्हार आदि) के बीच नफरत और शत्रुता फैलाने का सुनियोजित प्रयास है। इससे सामाजिक समरसता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
थाने में लिखित शिकायत
इस संबंध में अग्रवाल समाज की ओर से विनोद कुमार अग्रवाल (अध्यक्ष, अग्रवाल सभा कुन्कुरी), मुरारीलाल अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष), बृजभूषण अग्रवाल (सदस्य) और राधेश्याम जिंदल (सदस्य) ने संयुक्त हस्ताक्षरित लिखित शिकायत थाना प्रभारी को सौंपी। शिकायत में विनयशील के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
पुलिस की कार्रवाई
थाना प्रभारी कुनकुरी ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस ने बताया कि लिखित आवेदन और संलग्न प्रमाण (फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट और प्रेस कॉन्फ्रेंस की पेन ड्राइव) के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका
इस पूरे मामले ने नगर में चर्चा का विषय बना दिया है। लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के बयान समाज में विभाजन और तनाव बढ़ा सकते हैं। वहीं, समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इसका असर नगर की शांति और भाईचारे पर पड़ेगा।




