कुनकुरी में मोबाइल दुकान का ताला काटकर 132 मोबाइल पार, झारखंड-बंगाल तक फैला चोरी के माल का नेटवर्क उजागर; 5 आरोपी गिरफ्तार
CCTV, टावर लोकेशन और साइबर तकनीक से पुलिस ने सुलझाई चोरी की गुत्थी, 17 लाख रुपये में बिके चोरी के मोबाइलों का खुलासा
सेंटू शेख से कमीशन के 1.80 लाख रुपये बरामद, आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त; चार आरोपी अब भी फरार
कुनकुरी : जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर एक साथ 132 मोबाइल हैंडसेट चोरी किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस की जांच में चोरी के मोबाइलों को झारखंड और पश्चिम बंगाल के आरोपियों के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, चोरी के मोबाइलों की बिक्री से करीब 17 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिन्हें आरोपियों द्वारा आपस में बांट लिया गया था।
पुलिस ने मामले में एक आरोपी से कमीशन के रूप में प्राप्त 1 लाख 80 हजार रुपये बरामद कर जब्त किए हैं। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए जब्त किए गए हैं।
रात में दुकान बंद हुई, सुबह शटर टूटा मिला
पुलिस के अनुसार, कुनकुरी निवासी पंकज कुमार पारिक ने 12 अगस्त 2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे वह अपनी मोबाइल दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 7:45 बजे सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश ने फोन कर बताया कि उनकी दुकान का शटर खुला हुआ है।
सूचना मिलने के बाद दुकान पहुंचने पर दुकानदार ने देखा कि शटर में लगे दोनों ताले काटे गए थे और आसपास ताला काटने तथा तोड़फोड़ के निशान मौजूद थे। दुकान के अंदर मोबाइल के डिब्बे इधर-उधर बिखरे पड़े थे और बिक्री के लिए रखे गए कुल 132 मोबाइल हैंडसेट गायब थे।
रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV और टावर लोकेशन बनी पुलिस की बड़ी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ प्रार्थी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए और CCTV फुटेज, टावर लोकेशन तथा तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की तलाश शुरू की।
पुलिस जांच में एक मोबाइल नंबर 9987359810 सामने आया, जिसकी लोकेशन घटना के आसपास के समय में घटनास्थल के टावर क्षेत्र में पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल के समीप स्थित अन्नपूर्णा होटल में खाना खाने पहुंचे थे और वहां होटल संचालक को उक्त मोबाइल नंबर दिया गया था।
इसके बाद पुलिस ने CAF, CDR, TDR, CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए संदिग्धों की पहचान और तलाश तेज की।
झारखंड पहुंची पुलिस टीम, एक आरोपी से खुलता गया पूरा नेटवर्क
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले तक पहुंची और तौसिफ राजा को हिरासत में लेकर कुनकुरी थाना लाया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन में आरोपी ने घटना में अपने साथियों के साथ शामिल होने तथा चोरी किए गए मोबाइलों को आगे बेचने की जानकारी दी।
जांच में पुलिस के सामने आया कि चोरी के मोबाइलों को अलग-अलग आरोपियों के माध्यम से पश्चिम बंगाल के माल्दा क्षेत्र में बेचा गया था।
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए 132 मोबाइल हैंडसेट में से 50 मोबाइल अब्दुल बारी उर्फ रुबेल, 50 मोबाइल सत्यजीत मंडल तथा 34 मोबाइल इकबाल हुसैन उर्फ राणा को बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन मोबाइलों की बिक्री से करीब 17 लाख रुपये प्राप्त हुए थे।
कमीशन के 1.80 लाख रुपये बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी सेंटू शेख से कथित तौर पर कमीशन के रूप में प्राप्त 1 लाख 80 हजार रुपये बरामद कर जब्त किए हैं। मामले में सभी गिरफ्तार आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
चार आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार मामले में सत्यजीत मंडल, नवाब शेख, फिरोज शेख और सैफुद्दीन शेख, सभी साहेबगंज झारखंड निवासी, फरार हैं। पुलिस टीम द्वारा इनकी तलाश लगातार की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के कथनों और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर चोरी किए गए मोबाइल हैंडसेट को बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस द्वारा चोरी के मोबाइलों को दूसरे देश से बरामद करने के संबंध में कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सीमा पार तक पहुंचा चोरी के मोबाइलों का नेटवर्क
इस पूरे मामले ने कुनकुरी की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी से आगे बढ़कर झारखंड, पश्चिम बंगाल और कथित तौर पर बांग्लादेश तक जुड़े मोबाइल बिक्री नेटवर्क की तस्वीर सामने ला दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के मोबाइलों की खरीद-बिक्री में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस नेटवर्क का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है।
पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
थाना कुनकुरी में अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत धारा 331(4), 305(ए), 111(6), 313 एवं 3(5) BNS के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक राकेश यादव, थाना प्रभारी बागबहार; उप निरीक्षक नसरूटीन अंसारी, साइबर सेल जशपुर; सहायक उप निरीक्षक ईश्वर प्रसाद वारले, थाना कुनकुरी; प्रधान आरक्षक अनंत मिरास, साइबर सेल जशपुर; आरक्षक 59 नंदलाल यादव; आरक्षक 586 भूपेन्द्र यादव तथा आरक्षक 680 चन्द्रशेखर बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस द्वारा मामले की विवेचना जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ चोरी के मोबाइलों की बरामदगी तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
