आदि कर्मयोगी अभियान से बदलेगा जनजातीय गांवों का भविष्य, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शुभारंभ, कहा– आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ेगा आदि कर्मयोगी अभियान, मिलेगा जमीनी बदलाव

मुख्यमंत्री ने आदि सेवा पर्व पखवाड़ा का किया शुभारंभ 8370 विद्यार्थियों को 6.2 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति व भोजन सहायता राशि ऑनलाइन जारी रायपुर 17 सितम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित सड्डू के प्रयास आवासीय विद्यालय में आदि सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ  किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान जनजातीय गांवों के जमीनी बदलाव की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री…

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जशपुर में गूंजा विकास का नया मंत्र! 417 गांवों के लिए ‘आदि कर्मयोगी’ अभियान के तहत ब्लॉक प्रोसेस लैब से तैयार होगा ट्राइबल विलेज विज़न @ 2030

जिले में 28 क्लस्टरों में “आदि कर्मयोगी” अभियान के अंतर्गत 8 एवं 9 सितम्बर को ब्लॉक प्रोसेस लैब का आयोजन जशपुर, 9 सितम्बर 2025/ जिले में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सतत् विकास और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 एवं 9 सितम्बर को सभी 28 क्लस्टरों में ब्लॉक प्रोसेस लैब का आयोजन किया गया । इस अभियान के लिए जशपुर जिले के 417 गांवों के लिए विकासखंडवार बगीचा में 7, जशपुर में 3 कुनकुरी में 2 दुलदुला में 2 कांसाबेल में 2 मनोरा में 4 फरसबहार में…

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मुख्यमंत्री से ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने की सौजन्य मुलाकात, गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर दी बधाई

रायपुर, 05 सितंबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय…

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जशपुर में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की गूंज : 417 ग्रामों में स्थापित होंगे आदि सेवा केंद्र, आदिवासी समाज को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत चिन्हित ग्रामों में स्थापित किए जाएंगे आदि सेवा केंद्र जशपुर, 27 अगस्त 2025/ जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा की। इसके साथ ही आदि कर्मयोगी अभियान के तहत उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रेजेंटेशन के माध्यम से इनके क्रियान्वयन एवं इसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विदित हो कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र…

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जशपुर : UPSC प्रारंभिक परीक्षा में सफल ST/SC अभ्यर्थियों को सरकार देगी ₹1 लाख की प्रोत्साहन राशि, आवेदन की अंतिम तिथि 12 अगस्त

वर्ष 2025 में सफल अभ्यर्थी प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने 12 अगस्त तक कर सक सकते हैं आवेदन जशपुर, 04 अगस्त 2025/ संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों को 01 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। यह राशि कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति नवा रायपुर द्वारा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हेतु प्रोत्साहन योजना (यथा संशोधित) वर्ष 2010 के अंतर्गत प्रदान किया जाता है। सहायक आयुक्त…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी की सौजन्य मुलाकात, ग्रामीण विकास और संचार सुदृढ़ीकरण पर हुई गहन चर्चा

रायपुर, 27 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारत सरकार के केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर साकार करने हेतु राज्य…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – ‘नियद नेल्ला नार’ से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक

‘नियद नेल्ला नार’ बना सुशासन का जीवंत प्रमाण: जहाँ कभी बंदूकें थीं, वहाँ अब किताबें हैं – बस्तर में भय से विश्वास की ओर बढ़ती नई सुबह रायपुर, 25 जुलाई 2025// छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के वे सुदूरवर्ती गाँव, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे, आज नई उम्मीदों और उजालों की ओर अग्रसर हैं। जहाँ कभी बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब वही गाँव प्रगति के रास्ते पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव की नींव मुख्यमंत्री…

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सौर ऊर्जा से जगमगाया बस्तर का बेस्ट टूरिज्म विलेज धुड़मारास, बस्तर का धुड़मारास गांव बना विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से गांव में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का हुआ क्रियान्वयन रायपुर, 09 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर जिला के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाला छोटा सा आदिवासी गांव धुड़मारास आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में शामिल यह गांव अब पर्यावरणीय संरक्षण और सतत विकास का मॉडल बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक जीवनशैली से परिपूर्ण यह गांव, अब सौर ऊर्जा के…

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बस्तर में फैल रहा है अब विकास का उजियारा

रायपुर, 07 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने वन क्षेत्र और विविध जनजातीय समुदायों के लिए जाना जाता है, लंबे समय से नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। बस्तर के विकास में बाधक रहे नक्सलवाद के अब यहां से नक्सल उन्मूलन की अंतिम लड़ाई जारी है। बस्तर संभाग अपनी कला एवं संस्कृति के लिए विशिष्ट पहचान रखता है अकेले बस्तर संभाग में ही हल्बी, गोड़ी, भतरी दोलरी जैसे पारंपरिक बोली, बोली जाती है। वर्षों से अशांत रहे बस्तर अंचल में ढोल और मांदर की थाप अब…

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वनाधिकार क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका—वन विभाग की सशक्त प्रतिबद्धता का प्रमाण

छत्तीसगढ़ वन विभाग का संकल्प: परंपरागत ज्ञान और कानूनी अधिकारों के समन्वय से सतत वन प्रबंधन रायपुर 3 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ वन विभाग ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों प्रकार के वन संसाधन अधिकारों की मान्यता एवं वितरण में देश के अग्रणी राज्यों में रहते हुए सक्रिय, सकारात्मक और सराहनीय भूमिका निभाई है। अब तक प्रदेश में 4,78,641 व्यक्तिगत अधिकार तथा 4,349 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) पत्र वितरित किए गए हैं, जिससे कुल 20,06,224 हेक्टेयर क्षेत्र…

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