आप आए पुनर्वास करें , आप हथियार छोड़े और उसके बाद अपने विचारों के आधार पर संवैधानिक दायरे के अंतर्गत अपना मार्ग चुने हथियार छोड़े नहीं तो सशस्त्र बल, हमारे जवान उनकी भुजाओ की ताकत कथाएं लिखने के लिए तैयार है रायपुर : उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक तौर पर बस्तर अत्यंत संपन्न है। बस्तर के लघु वन उपज और विस्तीर्ण भूभाग बस्तर के आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रसस्त करते हैं। पूर्ण संभावनाओं के उपरांत भी बस्तर का क्षेत्र पीछे रह गया है यहां तक कि …
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8 लाख करोड़ निवेश प्रस्ताव, आईटी–एआई–ग्रीन टेक की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़—सीएम साय ने कॉनक्लेव में बताया टेक-ड्रिवन विकास का ब्लूप्रिंट
‘पाञ्चजन्य कॉनक्लेव – दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने साझा किए सुशासन के दो वर्षों के अनुभव रायपुर : राजधानी नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित पाञ्चजन्य कॉनक्लेव ‘दंतेश्वरी डायलॉग’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में विकास, नक्सल उन्मूलन, औद्योगिक निवेश, महिला सशक्तिकरण तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित विकास मॉडल सहित अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों के सरल और स्पष्ट उत्तर देकर सरकार की योजनाओं और…
Read Moreबस्तर की धरती अब पुनः शांति, स्थिरता और विकास की ओर मजबूती से अग्रसर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
37 माओवादियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का लिया निर्णय रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की मानवीय, संवेदनशील और परिणाम-उन्मुख पुनर्वास नीति के तहत आज बस्तर में एक और महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई। “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 37 माओवादियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह आत्मसमर्पण न केवल व्यक्तिगत पुनर्जीवन की दिशा में कदम है, बल्कि बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत…
Read Moreआत्मनिर्भर बस्तर की नई कहानी: आईएफसी की दीदियों से लेकर कॉफी किसानों और पर्यटन समितियों तक, शोभित जैन ने जमीनी स्तर पर परखी विकास योजनाएँ
आकांक्षी कार्यक्रम के बस्तर जिला प्रभारी अधिकारी ने दरभा विकासखंड में विकासात्मक गतिविधियों का लिया जायजा रायपुर : भारत सरकार युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव तथा नीति आयोग के आकांक्षी कार्यक्रम के बस्तर जिला प्रभारी अधिकारी श्री शोभित जैन के द्वारा शुक्रवार को दरभा विकासखंड में आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत निरीक्षण किया। संयुक्त सचिव ने सबसे पहले तीरथगढ़ पंचायत में आईएफसी की दीदियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया, इस दौरान दीदियों द्वारा बताया गया कि सोलर लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम…
Read Moreनक्सल मुक्त अभियान को नई गति : नक्सलियों की ‘अघोषित राजधानी’ में पुलिस का दमदार प्रवेश—डोडीमरका में 18वां कैम्प स्थापित ! नारायणपुर पुलिस ने रणनीतिक गांव डोडीमरका पर जमाया मोर्चा.
नक्सल मुक्त अबूझमाड़ की दिशा में एक वर्ष के भीतर 18वां कैम्प ग्राम डोडीमरका में, नारायणपुर पुलिस सड़क और मोबाईल नेटवर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ रही है वैश्विक सोसाइटी से माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम डोडीमरका में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप. नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी 44वीं बटालियन ने खोला डोडीमरका में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प. नारायणपुर : नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए ग्राम डोडीमरका में वर्ष 2025 का…
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गाड़ा समाज के बूढ़ादेव महोत्सव में किया संबोधन, 61 विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण, राज्य में माओवादी उन्मूलन को बढ़ाया गति
माओवाद समाप्ति की ओर, ‘नियद नेल्लानार’ योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 127 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास:100 सीटर छात्रावास और पहुंच मार्ग की घोषणा मुख्यमंत्री का पारम्परिक मोहरी वाद्ययंत्र के सामूहिक वादन से हुआ स्वागत गाड़ा समाज बूढ़ादेव महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर : बस्तर में नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से तेजी से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह…
Read Moreबस्तर पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय—वन मंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ जगदलपुर एयरपोर्ट पर हुआ आत्मीय स्वागत
जगदलपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास पर सोमवार को हेलीकॉप्टर से जगदलपुर पहुँचे। जगदलपुर में स्थित मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी पहुँचे। एयरपोर्ट पर बस्तर सांसद महेश कश्यप,विधायक जगदलपुर किरण सिंह देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत किया गया। जगदलपुर स्थित जगतू माहरा बस्तर हाई स्कूल के शताब्दी वर्ष समारोह…
Read Moreबस्तर में विकास की नई कहानी — बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर, किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों ने बदला चेहरा
बंदूक की गूंज से फलों और फूलों की महक तक का सफर बस्तर में साग-सब्जी, फलों की खेती से चमत्कारिक बदलाव रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नक्सल उन्मूलन की नीतियों और किसानों की आय बढ़ाने वाली योजनाओं ने बस्तर में विकास की नई इबारत लिख दी है। बस्तर के किसानों ने पारंपरिक धान, सरसों की खेती के साथ-साथ अब साग-सब्जी, फल, फूल की खेती से भी फायदा लेना शुरू कर दिया है। अब बस्तर में गोलियों की गूंज की जगह फलों और फूलों की खुशनुमा महक बिखर रही…
Read Moreसमर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025 : जिले में धान खरीदी की निगरानी हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर गठित
जगदलपुर : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री हरिस एस द्वारा जिला स्तरीय इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर एवं नियंत्रण कक्ष का विधिवत गठन करते हुए अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय नया रायपुर से प्राप्त निर्देशों और जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल की अनुशंसा के आधार पर यह पहल किया गया है। इस सेल का प्राथमिक उद्देश्य धान खरीदी के दौरान संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण…
Read Moreबस्तर की ऐतिहासिक उपलब्धि! 35 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला वन भूमि का अधिकार — पर्यावरण और आजीविका दोनों को बल!
सामुदायिक वन अधिकार पत्र के 6209 प्रकरणों में मिली साढ़े 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के उपयोग की मिली मंजूरी जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वन निवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है, जब हजारों परिवारों को उन्हें उनके पारंपरिक काबिज वन भूमि का अधिकार प्रदान किए गए हैं। यह कदम न केवल आदिवासी समुदायों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। अनुसूचित जनजाति और अन्य…
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