रायपुर, 21 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर…
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छोटे गाँव से बड़ी उड़ान: जशपुर की महिलाओं ने छिंद की टोकरी से लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, बिहान योजना बनी बदलाव की चाबी
सफलता की कहानी : स्व सहायता समूह से जुड़कर कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई जशपुर, 8 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्वसहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है। समूह की सदस्य श्रीमती बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान…
Read Moreमहिला सशक्तिकरण की मिसाल बना जशपुर : राज्यपाल ने सराहा स्वसहायता समूहों का नवाचार और आत्मनिर्भरता, राज्यपाल को चौंकाया जशपुर की महिलाओं ने, चाय, कुकीज़ और डिजिटल बैंकिंग से बदल दी जिंदगी की राहें.
राज्यपाल ने मंथन खाद्य उत्पाद प्रसंस्करण प्रयोगशाला एवं पैकेजिंग केंद्र का किया अवलोकन स्वसहायता समूहों की महिलाओं से उत्पादित सामग्रियों एवं अर्जित आय के संबंध में की चर्चा जशपुर. 24 अप्रैल 2025 : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर जिले के मंथन खाद्य उत्पाद प्रसंस्करण प्रयोगशाला एवं पैकेजिंग केंद्र का निरीक्षण करते हुए स्थानीय स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारी कार्यों की सराहना की। कुकीज़ निर्माण, चाय प्रसंस्करण से लेकर डिजिटल बैंकिंग सेवाएं देने तक, महिलाओं की आत्मनिर्भरता की यह तस्वीर अब पूरे प्रदेश के लिए मिसाल…
Read Moreकभी करती थीं 10 रुपये की बचत, आज हैं लखपति दीदी! जानिए जशपुर जिले की ममता मंडल की सफलता की पूरी कहानी
मनोरा की लखपति दीदी ममता मंडल के जीवन की प्रेरणादायक यात्रा जशपुर, 28 मार्च 2025/ यह कहानी ममता मंडल की है, जिन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया और बिहान कार्यक्रम से जुड़कर अपने परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। ममता मंडल का विवाह 2003 में हुआ, जिसके बाद वह जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के आस्ता ग्राम पंचायत में आ गईं। उनके पति साधारण कार्य करते थे और दोनों एक किराए के छोटे घर में रहते थे। ममता की शिक्षा आठवीं तक हुई थी,…
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