माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं श्रीमती सरोज पोडियाम पीएम स्वनिधि योजना बनी आर्थिक सशक्तिकरण का आधार रायपुर : सुकमा जिले की निवासी श्रीमती सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति श्री राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार…
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कोण्डागांव की बालिका ने ताईवान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर 16 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की बालिका रंजीता कोरेटी ने ताइपे (ताईवान) में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद बालगृह बालिका कोण्डागांव की रंजीता ने कई देशों के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवशाली उपलब्धि पर रंजीता को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल कोण्डागांव जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अत्यंत…
Read Moreकभी करती थीं 10 रुपये की बचत, आज हैं लखपति दीदी! जानिए जशपुर जिले की ममता मंडल की सफलता की पूरी कहानी
मनोरा की लखपति दीदी ममता मंडल के जीवन की प्रेरणादायक यात्रा जशपुर, 28 मार्च 2025/ यह कहानी ममता मंडल की है, जिन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया और बिहान कार्यक्रम से जुड़कर अपने परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। ममता मंडल का विवाह 2003 में हुआ, जिसके बाद वह जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के आस्ता ग्राम पंचायत में आ गईं। उनके पति साधारण कार्य करते थे और दोनों एक किराए के छोटे घर में रहते थे। ममता की शिक्षा आठवीं तक हुई थी,…
Read Moreमिट्टी से बनाए ईंट, और ईंट से खड़ी की अपनी तक़दीर – जानिए सरिता बाई की संघर्षभरी प्रेरणादायक कहानी!
संघर्ष से सफलता तक: सरिता बाई ने मिट्टी के ईंट बनाकर लिखी ख़ुद की तक़दीर जशपुर 26 फरवरी 2025/ गाँव की पगडंडियों पर नंगे पाँव चलने वाली श्रीमती सरिता बाई नगेशिया का जीवन कभी आसान नहीं था। कभी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने वाली यह महिला आज न सिर्फ़ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने पूरे परिवार की तक़दीर बदलने में सफल हुई हैं। मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत चेड़िया की रहने वाली सरिता बाई की जिंदगी भी आम ग्रामीण महिलाओं की तरह कठिनाइयों से भरी थी। रोज़ सुबह…
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