असंभव को संभव में बदलने का दे रहे संदेश मूलत: छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर विश्वस्तर पर बना रहे अपनी पहचान आलेख : जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर. रायपुर : पिछले 47 वर्षों के खेल पत्रकारिता के दौरान मैंने अपनों के बीच एक कमी पाई है। हम अपनी उपलब्धि दूसरों को बता नहीं पाते हैं क्योंकि हम अब तक अपने आपको स्वयं का प्रवक्ता नहीं बना सके, दूसरी तरफ उपलब्धि हासिल करने वाले की संस्था खुद आगे आकर अपने प्रतिभावान व्यक्तित्व के बारे में सार्वजनिक रूप…
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विशेष लेख : जशपुर बन रहा छत्तीसगढ़ का नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट, झरने, पहाड़ और प्राकृतिक शिवलिंग खींच रहे देशभर के पर्यटक
जशपुर पर्यटन के क्षेत्र में बना रही अलग पहचान प्राकृतिक सौंदर्य और सुकुन के पल बिताने पर्यटक हो रहे आकर्षित श्रीमती नूतन सिदार जिला जनसंपर्क अधिकारी जशपुर जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में जशपुर जिला तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जशपुर अपनी प्राकृतिक सौंदर्य, हरि भरी वादियां नदी, पहाड़ झरने आदिवासी संस्कृति रहन-सहन लोक संस्कृति से परिपूर्ण। शहरों के भागदौड़ की जिन्दगी से…
Read Moreजसवंत क्लॉडियस का विशेष आलेख: ओलंपिक की सफलता के पीछे आईओसी की दूरदर्शिता और खिलाड़ियों के हितों की बड़ी कहानी
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद(आईओसी) : खेल के स्तर को ऊंचा बनाए रखने सदैव प्रयासरत, सबके हित का रखती है ख्याल आलेख . जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर . रायपुर : 1896 से अनवरत जारी आधुनिक ओलंपिक स्पर्धा आज विश्व की सबसे पुरानी बहुखेल चैम्पियनशिप है। इसको बहुत ही सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सअप, इंटरनेट आदि माध्यमों से दुनिया के कोने-कोने तक आईओसी की गतिविधियां प्रचारित प्रचारित की जाती हैं। ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन, पैरालिंपिक्स, आयोजनों के लिए…
Read Moreसंत कबीर जयंती पर विशेष : संत कबीर ने किया रूढ़ियों पर प्रहार और दिया मानवता का संदेश
धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, (जनसंपर्क) रायपुर रायपुर : संत कबीर दास भारतीय इतिहास, साहित्य और दर्शन के एक ऐसे दैदीप्यमान नक्षत्र हैं, जिनकी चमक सदियां बीत जाने के बाद भी फीकी नहीं पड़ी है। हर वर्ष ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली ‘कबीर जयंती’ केवल एक संत के जन्म का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उनके विचारों, उनकी निर्भीकता और समाज सुधार के संकल्प को याद करने का दिन है। मध्यकालीन भारत में जब समाज जात-पात, आडंबरों और संकीर्णता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, तब कबीर ने…
Read Moreवरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस का बड़ा सवाल: उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन में आखिर क्यों हो रही देरी, क्या प्रतिभाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़?
छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट एथलीट चयन प्रक्रिया : प्रतिभावन खिलाड़ियों के भविष्य से कोई खिलवाड़ न करें कौन हैं जो प्रधानमंत्री की सोच पर लगा रहे सेंध? आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर.रायपुर.छ ग रायपुर : मई 2014 में जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार की सत्ता संभाली है, तब से भारत के खेल परिदृश्य में बहुत से सकारात्मक बदलाव आये हैं। यह सब कुछ प्रधानमंत्री की स्वयं की सोच और भारत को खेल संसार में विश्व गुरु बनाने की इच्छाशक्ति का परिणाम है। कोई…
Read Moreअंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर जसवंत क्लॉडियस का लेख: खेलों के इतिहास, विकास और वैश्विक एकता का सशक्त संदेश
23 जून : अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस- खेल को जीवन का अंग बनाना है विश्व में बढ़ाना है उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान का संदेश आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर.रायपुर.छ ग रायपुर : खेलकूद के इतिहास पर नजर डालने से स्पष्ट हो जाता है कि प्राचीन ओलंपिक खेलों की शुरुआत ईसा पूर्व 776 में प्राचीन ग्रीस (यूनान) के ओलंपिया शहर में हुई। ये खेल यूनानी देवताओं के पिता गॉड ज्यूस के सम्मान में प्रत्येक चार वर्ष में सम्पन्न होते थे। करीब 1100 वर्षों तक इन खेलों के आयोजन…
Read Moreटीवी कमेंटेटर जसवंत क्लॉडियस का गहन दृष्टिकोण: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्राचीन भारतीय योग दर्शन, अष्टांग योग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वस्तरीय पहल का तथ्यात्मक एवं प्रेरक प्रस्तुतीकरण
21 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस,प्र धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसार को बताया इसका महत्व स्वस्थ तन, मन हेतु भारतीय साधना पद्धति हुई विश्वव्यापी आलेख . जसवंत क्लॉडियस,वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर,रायपुर. रायपुर : शरीर का स्वस्थ होना समाज के प्रगति की पहली शर्त है। मानव सभ्यता के आरंभ में जब ध्वनि,वायु, जल प्रदूषित नहीं होते थे तब मानव जीवन सरल व शांत था। शारीरिक रूप से जब मनुष्य चुस्त दुरुस्त रहता है तो उसके द्वारा किसी भी कार्य के निष्पादन की गति बढ़ जाती है। सच है जब लक्ष्य…
Read Moreखेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने जसपाल राणा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, सुनाई 600 पदकों की प्रेरक कहानी
जीत की राह दिखाकर, जाने कहां चल दिए आप : भारत के महान निशानेबाज स्व. जसपाल राणा की यादें शेष… आलेख..जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर. रायपुर : विगत दिनों जब मैं साहित्य के क्षेत्र से जुड़े अपने मित्रों के साथ सिंगापुर की यात्रा पर था तभी मुझे भारत के महान निशानेबाज जसपाल राणा के 50 वर्ष की उम्र में मृत्यु की जानकारी प्राप्त हुई। यह मेरे लिए बहुत दुखदायी था। 1979 से प्रिंट मीडिया के लिए पत्रकारिता करते हुए पिछले 47 वर्षों से खेलों के महाकुंभ…
Read Moreविशेष लेख : सुशी सक्सेना | रसोई की सीटी से रेल के इंजन तक— प्रेशर कुकर के आविष्कार की रोचक गाथा, जिसने औद्योगिक क्रांति की दिशा ही बदल दी
रसोई की सीटी से रेल के इंजन तक: प्रेशर कुकर के आविष्कार की अनोखी कहानी रायपुर : जैसा की हम सभी जानते हैं कि जेम्स वाट (James Watt) ने प्रेशर कुकर की सीटी से प्रभावित हो कर एक ऐसा आधुनिक इंजन बनाया जिसने पूरी दुनिया में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) ला दी। लेकिन क्या आप प्रेशर कुकर के अविष्कार की कहानी जानना चाहेंगें, तो आइए जानते हैं प्रेशर कुकर के अविष्कार की कहानी क्या है? प्रेशर कुकर का आविष्कार डेनिस पैपिन (Denis Papin) ने 1679 में किया था। डेनिस पैपिन…
Read More96 वर्षों के फीफा विश्व कप सफर पर जसवंत क्लॉडियस की विशेष पड़ताल, 13 देशों से 48 टीमों तक पहुंचा फुटबॉल का महाकुंभ; जानिए क्यों 2026 का विश्व कप होगा अब तक का सबसे ऐतिहासिक संस्करण
फीफा (पुरुष) विश्व कप : 2026, पहली बार मुख्य दौर में शामिल किए गए 48 देश जीतने तो सभी चाहते हैं,क्या बदलेगा इतिहास? आलेख ..जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टी वी कमेंटेटर, रायपुर. रायपुर : 1930 से उरुग्वे में प्रारंभ हुई अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल स्पर्धा को पुरुष वर्ग का पहला विश्वकप माना गया है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह प्रतियोगिता फिर से आरंभ हुई जो आज तक निर्बाध गति से जारी है। यह चैंपियनशिप 20वीं सदी को पार करते हुए अब 21वीं सदी में पहुँच चुकी है। फुटबाल की…
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