Category: राजनीति

  • वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा की पत्रकारवार्ता कहा जैसे महात्मा गांधी अंग्रेजों के खिलाफ देश की आवाज उठा कर देश को आजाद करवा कर राष्ट्रपिता बन गये, वैसे ही राहुल गांधी देश के लोगों की आवाज उठा रहे वह राष्ट्रपुत्र है

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा की पत्रकारवार्ता कहा जैसे महात्मा गांधी अंग्रेजों के खिलाफ देश की आवाज उठा कर देश को आजाद करवा कर राष्ट्रपिता बन गये, वैसे ही राहुल गांधी देश के लोगों की आवाज उठा रहे वह राष्ट्रपुत्र है

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में आज आम आदमी की आवाज उठाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह हो गया है। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष 4 बार के सांसद राहुल गांधी जब संसद के अंदर बात करते है तो उनको बोलने नहीं दिया जाता, उनका माइक बंद कर दिया जाता है, सत्तारूढ़ दल के सांसद बहुमत के अतिवादी चरित्र का प्रदर्शन करते हुये संसद की कार्यवाही नहीं चलने देते है। केंद्रीय मंत्री अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुये अनर्गल बयाबाजी करते है और जब इन सबसे भी राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष की आवाज को नहीं दबा पाते तो एक और षड़यंत्र रचा जाता है।

    राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त कर देने अडानी के घोटालों पर न पर्दा डाल पायेगा और न ही नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चोकसे, विजय माल्या जैसे भगोड़ो के संरक्षण के गुनाह से मोदी सरकार बच पायेगी।

    चोर को चोर कहना देश में अपराध हो गया है मोदी सरकार घोटाले बाजों को संरक्षण दे रही। सच कहने वाले की सदस्यता रद्द करवा रही है। भगोड़ो को पकड़ने का साहस नहीं घोटाले बाज की जांच की हिम्मत नहीं है विपक्ष के नेता का मुंह बंद करने साजिशे रची जा रही है। आज भी यह सवाल खड़ा हुआ है कि एलआईसी और एसबीआई के करोड़ो निवेशकों का पैसा मोदी सरकार ने जोखिम में क्यों डाला?

    देश का पूरा विपक्ष जब अडानी के घोटाले की जांच की मांग कर रहा है तो मोदी सरकार जांच से क्यों डर रही है?

    जांच से किस खुलासे का भय मोदी को सता रहा है? कौन बेनकाब हो जायेगा किसकी प्रतिमा खंडित होने का भय भाजपा सरकार को सता रहा है? जो वह अडानी के घोटाले की जांच नहीं करवा रहे है?

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक ही सवाल तो पूछा है कि कितने बार मोदी जी अपने साथ अडानी को विदेश यात्रा पर ले गये। मोदी यह बताने में क्यों डर रहे है?

    संसद की सदस्यता के अपहरण से राजनैतिक चुनौती खत्म नहीं हो जाती। देश के बड़े-बड़े जनआंदोलन संसद में नहीं सड़क पर हुये है और जीते गये है।

    कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ जनता के बीच जायेगी। यह देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था के उपर प्रहार है।

    राहुल गांधी लगातार जनता की मुखर आवाज बने हुये है। वे बेईमानों की हानि कर रहे है इसके कारण कुछ लोगो को मानहानि लग रही है। जैसे महात्मा गांधी अंग्रेजों के खिलाफ देश की आवाज उठा कर देश को आजाद करवा कर राष्ट्रपिता बन गये, वैसे ही राहुल गांधी देश के लोगों की आवाज उठा रहे वह राष्ट्रपुत्र है।

    देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि भ्रष्ट बेईमानों और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालो के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह हो गया है।

    राहुल गांधी की संसद सदस्यता को समाप्त करने का यह हम पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा आपके समक्ष रखते है आप खुद विचार करिये, देखिये इस देश के लोकतंत्र को किस प्रकार नष्ट किया जा रहा है।

    पहला घटनाक्रम

    राहुल गांधी के ऊपर यह सारी कार्यवाही क्यों की गयी? इसका एकमात्र कारण है राहुल गांधी ने देश के प्रधानमंत्री की दुखती रग पर हाथ रख दिया। उन्होंने मोदी के निकट सहयोगी अडानी के घोटालेबाजी और अडानी-मोदी के गठबंधन पर आवाज उठाया।

    उन्होंने दो सवाल पूछे थे-

    1. क्या अडानी की शेल कंपनियों में 20,000 करोड़ रू. या 3 बिलियन डॉलर हैं ? यह पैसा कहां से आया? किसका काला धन है? ये किसकी शेल कंपनियां हैं? ये कंपनियां डिफेंस फील्ड में काम कर रही हैं। कोई क्यों नहीं जानता? यह किसका पैसा है? इसमें एक चीनी नागरिक शामिल है। कोई यह सवाल क्यों नहीं पूछ रहा है कि यह चीनी नागरिक कौन है?

    2. प्रधानमंत्री मोदी जी का अडानी से क्या रिश्ता है? उन्होंने श्री अडानी के विमान में आराम करते हुए पीएम मोदी की तस्वीर दिखाई। उन्होंने रक्षा उद्योग के बारे में, हवाई अड्डों के बारे में, श्रीलंका में दिए गए बयानों के बारे में, बांग्लादेश में दिए गए बयानों के बारे में, ऑस्ट्रेलिया में स्टेट बैंक (भारत के) के चेयरमैन के साथ बैठे श्री नरेंद्र मोदी और श्री अडानी की तस्वीरें, जिन्होंने कथित तौर पर $1 बिलियन का ऋण स्वीकृत किया था, के बारे में दस्तावेज दिए। यह सबूत के साथ सवालों का दूसरा सेट था।

    मोदी सरकार ने सवाल का जवाब तो नहीं दिया उल्टे

    ऽ राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण से अडानी घोटाले के महत्वपूर्ण अंश और श्री राहुल गांधी के भाषण (लगभग पूरी तरह से) को संसद के रिकॉर्ड से हटा दिया गया। क्यों ?

    ऽ संसद के बजट सत्र के चल रहे दूसरे भाग में, भारत के इतिहास में पहली बार एक सत्तारूढ़ पार्टी – भाजपा संसद को बाधित कर रही थी और इसे काम नहीं करने दे रही है। यह अडानी को बचाने के लिए एक ध्यान भटकाने की साजिश है। जबकि संयुक्त विपक्ष इस पर JPC (संयुक्त संसदीय समिति) चाहता है।

    ऽ श्री राहुल गांधी पर भाजपा मंत्रियों द्वारा हमला किया गया। लोक सभा अध्यक्ष महोदय को राहुल जी ने दो लिखित अनुरोध किये कि उनको संसद में जवाब देने दें। इसके बाद तीसरी बार अध्यक्ष जी से मीटिंग भी की पर तीन अनुरोधों के बावजूद अध्यक्ष जी ने संसद में उन्हें बोलने का अवसर देने से इनकार कर दिया।  इससे साफ़ पता चलता है कि पीएम मोदी नहीं चाहते कि अडानी के साथ उनके रिश्ते का पर्दाफाश हो। 

    दूसरा घटनाक्रम

    13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में चुनावी भाषण देते हैं श्री राहुल गांधी

    16 अप्रैल 2019 बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने गुजरात के सूरत में शिकायत दर्ज कराई। 

    7 मार्च 2022 शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पर गुजरात उच्च न्यायालय से रोक लगाने की मांग की; हाई कोर्ट ने रोक लगा दी। 

    7 फरवरी 2023 श्री राहुल गांधी ने लोकसभा में अडानी और पीएम मोदी के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए भाषण दिया ।

    16 फरवरी 2023 शिकायतकर्ता ने गुजरात उच्च न्यायालय में स्टे के अपने अनुरोध को वापस ले लिया। 

    27 फरवरी 2023 निचली अदालत में सुनवाई फिर से शुरू।

    23 मार्च 2023 ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराया और अधिकतम 2 साल की सजा सुनाई।

    24 मार्च 2023 लोकसभा सचिवालय ने 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी जी की संसद सदस्यता रद्द कर दी।

    हम न्यायिक प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने के तीन दिन के अंदर लोकसभा के गृह समिति ने राहुल गांधी को मकान खाली करने के लिये 30 दिन का नोटिस दे दिया। यह सारी कार्यवाही यह बताने के लिये पर्याप्त है कि इस देश में तानाशाही और असहिष्णु सरकार चल रही है।

    ➢ बीजेपी की ध्यान भटकाने की कवायद 3 हास्यास्पद आरोपों से साबित होती है।

    सबसे पहले, उन्होंने दावा किया कि श्री राहुल गांधी ने “विदेशी ताकतों“ से लंदन में भारत की मदद करने के लिए कहा। ये एक सफेद झूठ है ! अगर कोई उनके वक्तव्यों को ध्यान से देखें, तो उन्होंने कहा कि ये “भारत का अंदरूनी मामला है, हम स्वयं इसका हल निकालने में सक्षम है।“

    दूसरा, भाजपा अब झूठा हौवा खड़ा कर रही है कि श्री राहुल गांधी ने ओबीसी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्होंने पीएम मोदी से एक सवाल किया था!  ध्यान भटकाने का एक और बोगस हथकंडा! जो व्यक्ति एकता फैलाने के लिए “भारत जोड़ो यात्रा“ में 4000 किलोमीटर पैदल चल सकता है, वो कैसे एक समुदाय को निशाना बना सकता है?

    तीसरा – सूरत, गुजरात में एक निचली अदालत के फैसले के 24 घंटे के भीतर- भाजपा ने श्री गांधी को लोकसभा में उनकी सदस्यता को रद्द करने के लिए “बिजली की गति“ से काम किया, भले ही अदालत ने उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया था!  भाजपा श्री राहुल गांधी से इतना डरती क्यों है ?

    ➢ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की ओबीसी समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाने की घटिया चाल स्पष्ट हताशा साबित हुई है। 

    सबसे पहले, श्री राहुल गांधी द्वारा दिया गया बयान यह पूछ रहा था कि कुछ चोरों का एक ही उपनाम (नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी) क्यों है – उन्होंने ऐसा नहीं है कि “सारे मोदी चोर हैं“ ! उन्होंने  किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया। दूसरा, न तो नीरव मोदी और न ही ललित मोदी ओबीसी है। और उनकी जाति जो भी हो, क्या उन्होंने धोखाधड़ी नहीं की? भाजपा धोखेबाजों और भगोड़ों को क्यों बचा रही है? तीसरा, कांग्रेस पार्टी में 2 ओबीसी मुख्यमंत्री हैं।  इससे साबित होता है कि कांग्रेस उनके योगदान को महत्व देती है।

    ➢ आपराधिक मानहानि के लिए अधिकतम दो साल की सजा आजतक किसी को नहीं मिली है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले अत्यधिक उदारता से निपटाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा से भाजपा सांसद, आरके सिंह पटेल को नवंबर में एक ट्रेन रोकने, सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध करने और पुलिस कर्मियों पर पथराव करने के लिए दोषी ठहराया गया था – लेकिन उन्हें केवल 1 साल की जेल हुई।

    ➢ महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल, मौलाना आजाद जी को या तो राजद्रोह या जेल के मामले में अंग्रेज़ों ने सजा दी। अंततः कांग्रेस ने अंग्रेजों के खिलाफ जीत हासिल की। अब मोदी सरकार चोरों और घोटालेबाजों का पर्दाफाश करने के लिए श्री राहुल गांधी पर निशाना साध रही है।  कांग्रेस लड़ेगी, फिर जीतेगी।

    यह प्रहार सिर्फ राहुल गांधी पर नहीं यह आक्रमण देश के समूचे विपक्ष पर यह देश की 135 करोड़ जनता को धमकाने की साजिश है। राहुल गांधी विपक्ष के सबसे प्रभावशाली नेता है। जब उनकी सदस्यता रद्द कर सकते है उनकी आवाज दबा सकते है तब आम आदमी की क्या बिसात? यह भारत के प्रजातंत्र में तानाशाही की शुरुआत है कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं। हम जनता के बीच जायेंगे, देश के हर गली, मोहल्ले, चौक-चौराहे को संसद बनायेंगे। कहां-कहां आप हमारी आवाज रोकेंगे?

  • अफसोस का विषय है कांग्रेस का तथाकथित सत्याग्रह देश के लिए नही गांधी परिवार के लिए है, कांग्रेस देश की जनता से नाता तोड चुकी है, केवल राहुल गांधी का राजनीतिक कैरियर बचाना उनकी प्राथमिकता में – अमित चिमनानी

    अफसोस का विषय है कांग्रेस का तथाकथित सत्याग्रह देश के लिए नही गांधी परिवार के लिए है, कांग्रेस देश की जनता से नाता तोड चुकी है, केवल राहुल गांधी का राजनीतिक कैरियर बचाना उनकी प्राथमिकता में – अमित चिमनानी

    अच्छा होता छ.ग. प्रदेश में भ्रष्टाचार को रोकने निगरानी समिति,  अपराध रोकने कंट्रोल रुम और नक्सलवाद के खिलाफ शांति-मार्च निकलता – अमित चिमनानी

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : कांग्रेस के आगामी अभियान, निगरानी समिति, मशाल रैली, कंट्रोल रुम, शांति मार्च, सत्याग्रह के कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस अब जनता से नाता तोड़ चुकी है, उनकी प्राथमिकता केवल राहुल गांधी का राजनितिक करियर बचाना है। कांग्रेस के सारे अभियान, आंदोलन, संसाधन केवल और केवल राहुल गांधी के लिए ही हैं। अफसोस की बात है कि वह जो सत्याग्रह कर रहे हैं वह देश के लिए नहीं राहुल गांधी के लिए है।

    भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी

    भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस राज में पूरे छत्तीसगढ़ में जो निराशा रूपी अंधेरा छाया हुआ है, अच्छा होता उसे दूर करने के लिए कांग्रेस द्वारा मशाल रैली निकाली जाती, कांग्रेस राज में जो प्रदेश भ्रष्टाचार में आकंठ डूब चुका है, अच्छा होता उसकी निगरानी के लिए कांग्रेस द्वारा निगरानी समिति बनाई जाती, अच्छा होता कांग्रेस राज में अपराधियों ने जो आतंक मचा रखा है, उसे रोकने, कंट्रोल करने के लिए कांग्रेस द्वारा  कंट्रोल रूम बनाए जाते,  पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है, लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासन में कांग्रेस की बदनीयती की वजह से नक्सलियों का जो तांडव चल रहा है, अच्छा होता उसके खिलाफ कांग्रेस का शांति मार्च होता, लेकिन निगरानी समिति, सत्याग्रह, कंट्रोल रूम, शांति मार्च, कुछ भी जनता या उनकी समस्याओं के लिए नहीं बल्कि राहुल गांधी के लिए है।

    भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने कहा कि अब कांग्रेस को जनता से कोई सरोकार नहीं, इसीलिए जनता को भी कांग्रेस से कोई मतलब नहीं। राहुल गांधी के राजनीतिक कैरियर को बचाने ऐसे अभियान चलाकर  कांग्रेस ने स्वयं कांग्रेस मुक्त भारत की तरफ एक और कदम बढ़ाने जनता को प्रेरित कर दिया है।

  • बृजमोहन का मंत्री अमरजीत भगत पर पलटवार… कहा कौशल्या माता मंदिर और श्री राम वन गमन पथ में भ्रष्टाचार करने वालों को नहीं मिलेगा श्रीराम का आशीर्वाद.

    बृजमोहन का मंत्री अमरजीत भगत पर पलटवार… कहा कौशल्या माता मंदिर और श्री राम वन गमन पथ में भ्रष्टाचार करने वालों को नहीं मिलेगा श्रीराम का आशीर्वाद.

    प्रभु राम सबके,धर्म के आधार पर देश को बांटती है कांग्रेस – बृजमोहन

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस का काम ही रहा है धर्म के आधार पर लोगों को बांटना. रहीं बात प्रभु की तो श्री राम हर किसी के है. उनको बांटने का अर्थ देश को बांटने जैसा है. मर्यादाओं मे रहकर कर्म करने वालों के साथ उनका आशीर्वाद सदा से ही रहते आया. जिस कांग्रेस सरकार ने प्रभु राम को काल्पनिक कहा, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर उनके अस्तित्व को चुनौती देने जैसा कृत्य किया था आज उनके मुह मे राम बग़ल मे छुरी है.

    बृजमोहन ने कहा कि दुनिया देख रही है कि प्रभु राम की जन्म स्थली अयोध्या मे भव्य मंदिर का निर्माण का मार्ग किनके प्रयासों से अग्रसर हुआ है. काशी विश्वनाथ धाम, महाकालेश्वर उज्जैन, सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का दायित्व श्रीराम ने किनको सौंपा है.

    प्रभु श्रीराम न्याय के साथ कार्य करने वालों के साथ होते है. अन्यायी, अत्याचारी और शोषण करने वालों का नाश करने का कार्य प्रभु राम करते है.

    मंत्री अमरजीत भगत के बयान पर बृजमोहन की प्रतिक्रिया..

    बृजमोहन ने कहा कि मां कौशल्या की जन्मभूमि मे उनके धाम की पहचान और विकास की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी सरकार के दौरान ही हुई. श्री राम वन गमन की पहचान भी भाजपा ने की और विकास कार्य भी आगे बढ़ाया.

    कांग्रेस बस झूठे श्रेय लेने की राजनीति करती है.

    ये कांग्रेस सरकार 6 करोड़ रुपए मे माता कौशल्या धाम बनाते है और 12 करोड़ इवेंट कंपनी को देते है. माता कौशल्या के धाम बनाने बनाने में एवं राम वन गमन पथ बनाने में भ्रष्टाचार करने वाली सरकार को प्रभु राम का आशीर्वाद कभी नहीं मिलेगा. छत्तीसगढ़ में पड़ रहा ईडी का पड़ रहा छापा इसी का परिणाम है.

  • गांव के जीवन में परिवर्तन लाने की एक बड़ी योजना सिद्ध हो रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गाँव के लोगों का जीवन हो रहा खुशहाल, केवल तीन वर्षों में बनी 9,675 किलोमीटर सड़क – भाजपा

    गांव के जीवन में परिवर्तन लाने की एक बड़ी योजना सिद्ध हो रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गाँव के लोगों का जीवन हो रहा खुशहाल, केवल तीन वर्षों में बनी 9,675 किलोमीटर सड़क – भाजपा

    प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अरुण साव के ट्वीट को रिट्वीट कर कहा – ‘छत्तीसगढ़ के लोगों की इस खुशी में पूरा देश शामिल है’.

    माननीय प्रधानमंत्री द्वारा एक सामान्य ग्रामवासी की खुशी में सम्मिलित होना, उनके इस देश के गांव गांव के व्यक्ति से गहरा नाता दर्शाता है, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री जी को दिया धन्यवाद !

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, रायपुर

    रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वर्ष 2019-2020 में 1,952 किलोमीटर, वर्ष 2020-2021 में 4,689 किलोमीटर और वर्ष 2021-2022 में 3,034 किलोमीटर सड़कें बनी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में केवल तीन वर्षों में 9,675 किलोमीटर 1190 सड़कों का काम पूरा हुआ है, साथ ही 145 पुल भी बनाए गए हैं। प्रदेश में इस वक्त 2,375 किलोमीटर की 542 सड़कों और 184 पुलों का काम चल रहा है। श्री साव ने कहा कि गाँवों के जीवन में सार्थक परिवर्तन लाने का एक बड़ा माध्यम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न स्वर्गीय  अटलबिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गाँव, गरीब, किसान की तरक्की हुई और गाँव के लोगों के जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अरुण साव

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने बिलासपुर जिले के कछार से पेण्डरबेरा वाया चुनकवाँ मार्ग के हाल ही हुए उन्नयन से लाभान्वित ग्रामों के ग्रामीणों की सकारात्मक प्रतिक्रया की चर्चा करते हुए कहा कि इस सड़क का उन्नयन होने के बाद इन ग्रामीणों का जीवन आसान हुआ है। श्री साव ने ग्राम पेण्डरबेरा निवासी जनकराम की प्रसन्नता का जिक्र करते हुए कहा कि जनकराम ने एक वीडियो बनाकर अपनी खुशी का इजहार किया और कहा कि इससे पेण्डरबेरा समेत चार गाँवों के लोगों की बरसों की मुराद पूरी हुई है। जनकराम ने कहा, ‘मेरे खेत तक सड़क पहुँच गई है।’ जनकराम का यह वीडियो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साव ने ट्वीट किया और कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत गाँवों में रहने वाला भारत सड़क क्रांति का साक्षी बन रहा है। जनकराम का यह वीडियो जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचा तो प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री साव के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ‘छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के इन लोगों की खुशी में पूरा देश शामिल है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की ऐसी उपलब्धियाँ काफी उत्साहित करने वाली हैं।’

    श्री साव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का एक सामान्य ग्रामवासी की खुशी में शामिल होना, उनके इस देश के गाँव-गाँव के व्यक्ति से गहरा नाता दर्शाता है। श्री साव ने कहा कि बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कछार से पेण्डरवा वाया चुनकवाँ मार्ग के उन्नयन से ग्रामीणों को रोजमर्रा की तकलीफों से निजात मिली है। इस सड़क के उन्नयन के लिए क्षेत्र के भाजपा विधायक रजनीश सिंह के सतत प्रयासों की भी श्री साव ने सराहना की।

  • बेरोजगारी भत्ता देने का नाटक करने वाली प्रदेश सरकार ने पंजीयन के लिए पात्रता सूची निकाली है या अपात्रता सूची? जशपुर भाजपा नेता कृष्ण कुमार राय व रणविजय सिंह जूदेव नें बेरोजगारी भत्ता योजना पर उठाये सवाल

    बेरोजगारी भत्ता देने का नाटक करने वाली प्रदेश सरकार ने पंजीयन के लिए पात्रता सूची निकाली है या अपात्रता सूची? जशपुर भाजपा नेता कृष्ण कुमार राय व रणविजय सिंह जूदेव नें बेरोजगारी भत्ता योजना पर उठाये सवाल

    भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय का सवाल : युवकों के लिए रोजगार के प्रशिक्षण के अवसर ही प्रदेश सरकार ने छीन रखे हैं तो बेरोजगारी भत्ता देने का आधार क्या होगा?

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, जशपुर

    भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय ने कहा है कि बेरोजगारी भत्ते के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जारी नियम व शर्तें बेरोजगार युवकों के साथ छल-कपट का एक और दांव है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता के लिए जिस तरह से मापदंड प्रदेश सरकार ने तय किए हैं, उससे यह स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार युवाओं को न तो रोजगार के अवसर देने की मंशा रखती है और न ही बेरोजगारी भत्ता देने का उसका कोई इरादा है। उन्होंने सवाल किया कि बेरोजगारी भत्ता देने का नाटक करने वाली प्रदेश सरकार ने पंजीयन के लिए पात्रता सूची निकाली है या अपात्रता सूची?

    आगे श्री राय ने कहा कि इंजीनियर्स, एडवोकेट्स, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, आर्किटेक्ट ऐसे सारे विषयों में पंजीकृत लोगों के परिवारों के युवा, पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर जमाकर्ता परिवार के युवा, 10 हजार रुपए से अधिक पेंशन प्राप्त करने वाले परिवार के युवा, बेरोजगारी भत्ता लेने वाले युवा को स्वरोजगार या निजी/सरकारी क्षेत्र में रोजगार का ऑफर आता है और उसे किन्हीं कारणों से अस्वीकार करने वाले युवा, केन्द्र या राज्य के तृतीय या इससे ऊपर की श्रेणी में नौकरी करने वाले परिवार के युवा बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए अपात्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार परिवार में यदि किसी एक युवा को भी बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है तो उस परिवार के अन्य युवा भी बेरोजगारी के लिए अपात्र होंगे। परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपए या इससे अधिक है तो उस परिवार के युवा भी इस भत्ता योजना के लिए अपात्र होंगे। दो वर्ष पुराना पंजीयन नहीं हो तो भी वह युवा बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होगा।

    पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन ही होगा, अब प्रदेश सरकार बताए कि जिन दूरस्थ इलाकों में मोबाइल और कम्प्यूटर कनेक्टिविटी नहीं है तब उन युवकों का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? प्रदेश सरकार कौशल विकास केन्द्र में प्रशिक्षण लेने पर बेरोजगारी भत्ता देने की बात कह रही है, जबकि प्रदेश में कौशल उन्नयन केन्द्र और लाइवलीहुड कॉलेज लभगभग बंद पड़े है। युवकों के लिए रोजगार के प्रशिक्षण के अवसर ही प्रदेश सरकार ने छीन रखे हैं तो बेरोजगारी भत्ता देने का आधार क्या होगा? कौशल उन्नयन और मुद्रा लोन के जरिये रोजगार मुहैया कराने की योजना केन्द्र सरकार की है। प्रदेश सरकार ने कौशल विकास के अवसर छीनकर अब उसी आधार पर बेरोजगारी भत्ता देने की शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक इसके लिए 12वीं (हायर सेकेंडरी) उत्तीर्ण होना आवेदक के लिए अनिवार्य किया गया है। तो क्या प्रदेश सरकार यह मानती है कि 12वीं से कम शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवकों को रोजगार या परिवार के भरण-पोषण का अधिकार नहीं है? क्या हायर सेकेंडरी से कम शैक्षणिक योग्यता वाले युवक बेरोजगारी की श्रेणी में नहीं आते? उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ता की यह शर्त भी छलावा ही है कि कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय या निजी क्षेत्र में किसी नौकरी का ऑफर दिया जाता है और आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता तो वह बेरोजगारी भत्ता के लिए अपात्र होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि आवेदक को किसी स्वरोजगार या किसी तरह की नौकरी का ऑफर मिला या नहीं, यह कौन तय करेगा? क्या ऐसा मापदंड तय करके प्रदेश की बघेल सरकार भ्रष्टाचार का विस्तार करने पर आमादा है?

  • राहुल मामले की आड़ में कांग्रेस का अमर्यादित व अलोकतांत्रिक आचरण आपातकाल की याद कर रहा ताजा – भाजपा

    राहुल मामले की आड़ में कांग्रेस का अमर्यादित व अलोकतांत्रिक आचरण आपातकाल की याद कर रहा ताजा – भाजपा

    भाजपा की दो टूक : कांग्रेस समझ ले कि पिछड़ा वर्ग के अपमान के लिए अभी जनता की अदालत में भी करारी सजा मिलेगी

    समदर्शी न्यूज ब्यूरो, जशपुर

    जशपुर : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध सूरत कोर्ट द्वारा मोदी सरनेम को चोर बताने वाली टिप्पणी के लिए मानहानि का दोष सिद्ध होने पर 2 वर्ष की सजा के फैसले और इस कारण संसद की सदस्यता रद्द किए जाने पर कांग्रेस के लोग जिस तरह का अमर्यादित और अलोकतांत्रिक आचरण कर रहे हैं, उससे सन 1975 के आपातकाल की याद ताजा हो चली है। उन्होंने कहा कि सन 75 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासकीय मशीनरी के दुरुपयोग का दोष सिद्ध होने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को रद्द कर दिया था। उस समय भी इंदिरा गांधी और कांग्रेस ने न्यायालय का निर्णय मानने के बजाय देश पर आपातकाल थोप दिया था और पूरे देश को जेल बनाकर रख दिया था।

    लोकसभा सांसद श्रीमती गोमती साय ने कहा कि एक बार फिर पिछड़ा वर्ग के अपमान के कारण राहुल गांधी को हुई सजा और उसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार संसद सदस्यता खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के नेता न्यायपालिका और संविधान का सम्मान करने के बजाय छत्तीसगढ़ में आपातकाल के हालात बनाने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग का अपमान करने और मोदी सरनेम को चोर से जोड़ने के कारण मानहानि का दोष सिद्ध होने पर राहुल गांधी को हुई सजा का सत्य और तथ्य छिपाकर कांग्रेस के लोग अपने बयानों से राजनीतिक विषवमन कर एक तो न्यायालय और संविधान का खुलेआम अपमान करने की धृष्टता कर रहे हैं, दूसरे प्रदेश के राजनीतिक सद्भाव को दांव पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सामान्य समझ की बात है कि निचली अदालत के फैसले से असहमति के बाद ऊपरी अदालत में अपील की जा सकती है, लेकिन पवन खेड़ा के मामले में 15 मिनट में ऊपरी अदालत पहुंच जाने वाली कांग्रेस ने अब तक ऊपरी अदालत का रुख नहीं किया है। इससे साफ है कि कांग्रेस राहुल गांधी मामले की आंच में राजनीतिक रोटी सेंकने की बदनीयती का प्रदर्शन कर रही है।

    भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही कांग्रेसी खुद को न्यायपालिका और संविधान से ऊपर मान कर चलते रहे हैं और अपने इसी सत्तावादी अहंकार के चलते वह न्यायपालिका, संविधान, संवैधानिक पदों और एजेंसियों के साथ-साथ अपने राजनीतिक विरोधियों को अपमानित और प्रताड़ित करना अपना अधिकार मान कर चलते हैं। श्री जूदेव ने दो टूक कहा कि कांग्रेस के सभी लोग यह स्पष्ट रूप से समझ लें कि अभी तो संवैधानिक अदालत ने सजा सुनाई है, पिछड़ा वर्ग के अपमान के लिए जनता की अदालत का फैसला आना अभी बाकी है, और यकीनन तब भी कांग्रेस को इसकी करारी सजा मिलेगी।

    यह जानकारी जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने प्रेस नोट जारी कर दी।

  • कांग्रेस राज में पत्रकारों के साथ उत्पीड़न चरम पर : लता उसेंडी

    कांग्रेस राज में पत्रकारों के साथ उत्पीड़न चरम पर : लता उसेंडी

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य.लता उसेण्डी ने कहा है कि कोण्डागाँव के पत्रकार विश्वजीत मलिक के साथ माकड़ी में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के करीबी व कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राम कश्यप और गुंडों को साथ लेकर नाली निर्माण में हुई अनियमितता की खबर छपने से बौखलाए ठेकेदार द्वारा की गई मारपीट ने प्रदेश सरकार के पत्रकार सुरक्षा कानून की हवा निकाल दी है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस की प्रदेश सरकार की नाक के नीचे लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ ही खतरे में है।

    भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री उसेंडी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मरकाम के विधानसभा क्षेत्र में जिस तरह एक पत्रकार के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के द्वारा लोगों को उकसाकर मारपीट की वारदात कराई गई है, उससे यह आईने की तरह साफ हो गया है कि कांग्रेस में राजनीतिक असहिष्णुता का चरित्र ऊपर से लेकर नीचे तक व्याप्त है। अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को कुचलना कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति रही है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून पारित करने के कुछ ही दिनों में कांग्रेस के एक जिला पदाधिकारी ने अपनी ही सरकार के इस कानून को सरेआम एक पत्रकार की सरेआम बेदम पिटाई करके पलीती लगाने में देर नहीं की! कोण्डागाँव विधानसभा क्षेत्र में पत्रकार सुरक्षा कानून की उड़ती धज्जियाँ इस कानून और प्रदेश सरकार की असलियत को सामने ला रही है। सुश्री उसेंडी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के कोंडागाँव विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की यह कोई पहली वारदात नहीं है। इससे पहले भी पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार तथा धमकी देने का सिलसिला चलता रहा है।

    भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री उसेण्डी ने कहा कि नाली निर्माण में अनियमितता की खबर प्रकाशन के तकरीबन सप्ताहभर बाद कोंडागांव निवासी पत्रकार विश्वजीत मलिक के ऊपर ठेकेदार के गुंडों द्वारा सोमवार को माकड़ी में मारपीट के दौरान पत्रकार जब अपनी जान बचाने जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में घुसा तो ठेकेदार के गुंडों ने पत्रकार को कमरे से निकाल कार्यालय के सामने लात-घूँसों से जमकर पीटा और पत्रकार का मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इसकी शिकायत पत्रकार मलिक ने माकड़ी पुलिस में दर्ज कराई है लेकिन सीसीटीवी फुटेज में कैद मारपीट की इस वारदात के आरोपियों पर सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक संरक्षण के चलते कोई कार्रवाई नहीं अब तक नहीं की गई है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। सुश्री उसेंडी ने कहा कि जिले के पत्रकारों ने 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित कर उक्त मामले के तथ्यों की जांच के लिए माकड़ी भेजा था। पत्रकारों ने पाया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से यह स्पष्ट हो रहा है कि मारपीट व जानलेवा हमले की वारदात को अंजाम दिया गया है। पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की बिंदुवार जांच की है जिसकी रिपोर्ट वे जल्द ही पीएमओ कार्यालय, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व गृह मंत्री सौंपेंगे। सुश्री उसेंडी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होना समझ से परे है।

  • प्रदेश की जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ और कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के पक्ष में खड़ी है : नलीनेश ठोकने

    प्रदेश की जनता भ्रष्टाचार के खिलाफ और कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के पक्ष में खड़ी है : नलीनेश ठोकने

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलीनेश ठोकने ने कहा है कि ईडी के छापों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं के लगातार आ रहे बयान उनकी घबराहट को दर्शा रहे हैं। श्री ठोकने ने कहा कि जांच एजेंसियों की जांच की एक प्रक्रिया होती है और तमाम तथ्यों व साक्ष्यों की प्रामाणिकता को परखने के बाद ये एजेंसियां भ्रष्टाचार व आर्थिक अनियमितताओं पर कार्रवाई करती हैं।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि ईडी-ईडी का शोर मचाते कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश को यह क्यों नहीं बताते कि ईडी की कार्रवाई में बरामद किलो-किलो सोना-चांदी 152 करोड रुपए और अचल संपत्तियां आखिर किसकी हैं और कैसे अर्जित की गई हैं? श्री ठोकने ने कहा कि भ्रष्टाचरण के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट से जमानत तक नहीं मिल पा रही है और मुख्यमंत्री बघेल, उनकी सरकार के मंत्री और कांग्रेस के नेता भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े और उन्हें बचाते हुए नजर आ रहे हैं! आखिर ‘भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश’ के जुमलेबाज कांग्रेस नेता और सरकार के लोग भ्रष्टाचार के विरुद्ध हो रही कार्रवाई से इतने बदहवास क्यों नजर आ रहे हैं? ईडी की कार्रवाई के विरुद्ध बार-बार बयान देकर कांग्रेस के लोग खुद को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। श्री ठोकने ने कहा कि ईडी की भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं की घबराहट को प्रदेश की जनता भली-भांति समझ रही है।

  • कांग्रेस विधायक के आरोपों पर बोले पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, चोर करे चोरी ऊपर से करे सीनाजोरी

    कांग्रेस विधायक के आरोपों पर बोले पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, चोर करे चोरी ऊपर से करे सीनाजोरी

    तेंदूपता संग्राहकों और जनता के हक की लड़ाई लड़ता रहूंगा :महेश गागड़ा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    कांग्रेस विधायक के आरोपों पर पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा जिस तेंदुपत्ता ठेकेदार सुधीर माणिक के ऊपर कड़ी कारवाई को लेकर मेरे साथ क्षेत्र के सभी तेंदुपत्ता संग्राहक कई महीनों से सड़क की लड़ाई लड़ रहे हैं, लगातार विरोध प्रदर्शन, आंदोलन और चक्काजाम हमारे द्वारा किया जा रहा है। जिसमें स्थानीय विधायक द्वारा मुझ पर लगाया संगीन आरोप निराधार है। मतलब सरकार कांग्रेस की है, विधायक वो हैं और वसूली का आरोप मुझ पर लगा रहे हैं। 4 साल में क्षेत्र में आपने अपने चहेते लोगों को ठेका दिलवाया, मनमाने ढंग से सभी विभागों में वसूली की, क्षेत्र में आप वसूलीबाज विधायक के नाम से प्रसिद्ध हैं। अपनी असफलता और शासन-प्रशासन के खिलाफ उठे विरोध के स्वर को दबाने के लिए विधायक जी ने यह नया शिगूफा छोड़ा है। एक तो विधायक महोदय तेंदुपत्ता संग्राहकों को उनके हक की राशि दिलवा नहीं पा रहे हैं और जो इसके लिये लड़ रहा है उस पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। अरे प्रदेश में तो आपकी सरकार है और आपका प्रशासन है, करवा लीजिये जाँच।

    पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा मैं स्थानीय कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी जी को खुली चुनौती देता हूँ कि मुझ पर और भाजपा उपाध्यक्ष लवकुमार नायडू पर लगाए गए आरोप को साबित करके दिखाये। नहीं तो मैं इस गंभीर आरोप के विरुद्ध आपके खिलाफ मानहानि का केस दायर करूँगा और जब तक क्षेत्र के तेंदुपत्ता संग्राहकों को उनका मेहनताना नहीं मिल जाता, लड़ाई लड़ते रहूँगा।

  • कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के जरिये कांग्रेस अपने नेताओं की तिजोरी भरने का काम कर रही है – संदीप शर्मा

    कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के जरिये कांग्रेस अपने नेताओं की तिजोरी भरने का काम कर रही है – संदीप शर्मा

    समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, रायपुर

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार का गढ़ बना चुके 36 प्रकार के भ्रष्टाचारियों के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस जब चाहे राहुल गांधी के लिए दिल्ली में स्थायी और भव्य बंगले का इंतजाम कर सकती है। श्री शर्मा ने कहा है कि मानहानि मामले में 2 साल की सजा के बाद सांसद राहुल गांधी की सदस्यता खत्म होने पर सरकारी बंगला खाली कराने की मिली नोटिस पर कांग्रेसी नेताओं के बयान सियासी स्यापा ही है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री बघेल की कांग्रेस सरकार ने साढ़े  4 साल में भ्रष्टाचार और घोटालों का जैसा सिलसिला चला रखा है उससे प्रतीत हो रहा है, कि मुख्यमंत्री बघेल ने मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा जनता के हित के लिए नहीं, अपितु भ्रष्टाचार के स्रोतों के लिए कर रखा है। श्री शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में माफिया राज कायम करके प्रदेश सरकार ने ऐसे किसी काम या योजना को नहीं बख्शा है जिसमें भ्रष्टाचार और घोटाला नहीं हुआ। शराबबंदी के नाम पर गंगाजल हाथ में लेकर कसमें खाने वाली कांग्रेस सरकार के राज में जनता को शराब की ऐसी लत लगी कि घर-घर शराब पहुंचा कर उसमें कमीशनखोरी के जरिए कांग्रेस के लोगों ने तिजोरियां भरने का काम किया। जरूरतमंद लोगों को कोरोना काल में केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को वितरित करने के लिए आवंटित अनाज में हेराफेरी करने तक में इस सरकार को हिचक नहीं हुई। प्रदेश की राशन दुकानों में पकड़ी जा रही हजारों टन चावल हेरा-फेरी इसकी तस्दीक कर रही है। चावल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने 5,127 करोड़ रुपए का घोटाला किया। केन्द्र ने 3.80 करोड़ क्विंटल चावल दिया और उसमें से डेढ़ करोड़ क्विंटल चावल गायब हो गया!

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री शर्मा ने कहा है कि किसानों के नाम पर कर्ज पर कर्ज लेकर किसानों पर खर्च करने में कृपण प्रदेश सरकार को यह भी बताना चाहिए कि लगभग 61000 करोड लिए गए कर्ज की बाकी राशि कहां-कहां खर्च हुई? छत्तीसगढ़ कांग्रेस का एटीएम क्या अन्य प्रदेशों में चुनाव के लिए यह राशि अपने आकाओं की सत्ता पिपासा में खर्च कर रही है? क्या यही राशि दलालों भ्रष्टाचारी अफसरों व नेताओं के यहां से बरामद हो रही है? उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जिस तरह भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी हुई है इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या भ्रष्टाचार और घोटालों का पैसा इन्हीं दलालों, अफसरों और नेताओं के पास से निकल रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री बदहवास होकर बार-बार ईडी और केन्द्रीय जांच एजेंसियों पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे है। श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार के कार्यकाल में गोबर और वर्मी कंपोस्ट घोटाला तक हो गया है जिससे आर्थिक बदहाली का जब तक रोना रोती प्रदेश सरकार ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए वर्मी कंपोस्ट लिए बिना ही लगभग 50 फ़ीसदी अग्रिम भुगतान कर दिया। उन्होंने कहा कि कोयले की दलाली में अपना हाथ काला कर चुकी कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार के राज में रेत, जमीन, शराब आदि में अरबों का स्टार्टअप चला रहे हैं ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ कांग्रेस जब चाहे दिल्ली में राहुल गांधी के लिए स्थायी और भव्य बंगले का इंतजाम कर सकती है।