डिजिटल क्रांति ने बदल दी धान खरीदी की तस्वीर! तुंहर टोकन ऐप से किसानों को घर बैठे टोकन, बिना इंतजार पूरी हुई खरीदी

सरकार की किसान हितैषी नीतियों से बढ़ा किसानों का भरोसा तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से मिल रही घर बैठे टोकन की सुविधा : रामसाय यादव रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में धान खरीदी का महापर्व इस वर्ष भी सुगमता और पारदर्शिता के साथ मनाया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने किसानों के बीच नई उम्मीद और उत्साह जगाया है। प्रदेश के किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाकर संतुष्ट हैं तथा बड़ी संख्या में धान खरीदी केंद्रों में पहुँचकर विक्रय…

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घर बैठे धान बेचने का नया जमाना! तुंहर टोकन ऐप ने बदल दी पूरी खरीदी व्यवस्था—किसानों ने कहा ‘अब नहीं लगती लाइन’

घर बैठे धान विक्रय का नया दौर: तुंहर टोकन ऐप से किसानों को मिली बड़ी राहत मोबाइल से काट रहे टोकन, धान खरीदी प्रक्रिया हुई पारदर्शी और तेज रायपुर : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किया गया तुंहर टोकन मोबाइल ऐप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। धान खरीदी तिहार के बीच इस डिजिटल नवाचार ने उपार्जन केंद्रों में लगने वाली भीड़, समय की बर्बादी और पारंपरिक जटिलताओं को काफी हद तक कम कर दिया…

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जशपुर में खेती हुई डिजिटल! 744 गांवों के 4 लाख खेतों की फसल जानकारी ऑनलाइन अपलोड, किसानों को मिली बड़ी सुविधा

रकबे में लगी फसल की जानकारी ऑनलाइन देखने की भी मिली सुविधा डिजिटल फसल सर्वेक्षण प्रणाली सटीक उत्पादन अनुमान लगाने में होगी कारगर जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिले के सभी तहसीलों में एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके तहत जिले के कुल 744 गांवों के 4 लाख 3 हजार से अधिक खसरों में डीसीएस के माध्यम से तथा शेष खसरों में मैन्युअल गिरदावरी कर फसलों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई है। इसका उद्देश्य भूमि पर लगी फसल एवं…

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जशपुर : धान बेचने से पहले जरूरी अपडेट! बिना एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं होगी धान खरीदी, 31 अक्टूबर है आखिरी तारीख

एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर कर सकते हैं संपर्क जशपुर/रायपुर  : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है। एग्रीस्टैक पोर्टल भारत सरकार द्वारा विकसित एक यूनिफाइड एग्रीकल्चर डेटाबेस है, जिसमें किसानों का भूमि एवं आधार लिंक्ड पंजीयन किया…

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राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न – अधिप्राप्ति सुधार, कस्टम मिलिंग और फूड पोर्टल में नवाचारों पर हुई विस्तृत चर्चा

भारत सरकार द्वारा अधिप्राप्ति सुधारों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न कस्टम मिलिंग में नवाचार, राईस मिलों के भौतिक सत्यापन, फूड प्रोक्योरमेंट और स्टोरेज पोर्टल में खाद्यान्न का उपार्जन-वितरण के संबंध में दी गई जानकारी आगामी खरीफ सीजन के लिए किसानों के एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन की दी जानकारी रायपुर 13 अगस्त 2025/ खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार द्वारा खाद्यान्न उपार्जन प्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता तथा तकनीकी समावेश को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अधिप्राप्ति सुधारों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन नवा रायपुर में किया गया, जिसमें प्रदेश…

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महिला सशक्तिकरण और तकनीकी कृषि को मिलेगा नया आयाम : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ का मुद्दा,  छत्तीसगढ़ में योजना के विस्तार की रखी मांग

नई दिल्ली/रायपुर, 29 जुलाई 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण हेतु चलाई जा रही योजनाएं देश में सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। इसी क्रम में रायपुर के सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज लोकसभा में महिला सशक्तिकरण और तकनीकी कृषि से जुड़ी ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ को लेकर केंद्र सरकार से कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ मांगीं। लोकसभा में श्री अग्रवाल ने योजना की प्रमुख विशेषताओं, ड्रोन क्लस्टर्स की संख्या, छत्तीसगढ़ सहित देशभर में…

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नैनो डीएपी किसानों के लिए ठोस डीएपी उर्वरक का स्मार्ट विकल्प

रायपुर, 08 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को रासायनिक उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। खरीफ 2025 के दौरान डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की कमी को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने इसके व्यवहारिक विकल्प के रूप में नैनो डीएपी के भंडारण एवं वितरण की विशेष व्यवस्था की है। इसके साथ ही एनपीके और एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों का भी लक्ष्य से अधिक मात्रा में भंडारण कराया गया है। खेती में ठोस डीएपी उर्वरक की कमी को पूरा करने के लिए किसानों को उसके विकल्प…

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