श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य समापन : मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय की विशेष उपस्थिति में हुआ श्री जगन्नाथ मंदिर का समापन समारोह, श्रद्धा व संस्कृति का अद्भुत संगम, नगर भ्रमण और सांस्कृतिक संध्या बनी आकर्षण का केंद्र.

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं संमिलित, रात्रि नागपुरी संगीत से झूमते रहे लोग. श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम नगर भ्रमण के साथ हुआ समापन. जशपुर. 28 मई 2025 : जशपुरनगर के दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन नगर भ्रमण और रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ बड़े धूमधाम से हुआ। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। ओडिशा और छत्तीसगढ़ की कीर्तन मंडलियों, अष्ट प्रहरी यज्ञ और नागपुरी…

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भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उमड़ रही है भक्तों की भीड़, द्वितीय दिवस की पूजा हुई प्रारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल.

जशपुर, 22 मई 2025 : दोकड़ा में नव निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम प्रारंभ हो चुकी है,श्रद्धालु बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल में पहुंच रहे है।प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के द्वितीय दिवस की पूजा अर्चना शुरू हो गई है,इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शामिल हुईं। उल्लेखनीय है कि दोकड़ा में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1942 से निकाली जा रही है। रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा गांव के पंडित स्व सुदर्शन सतपथी और उनकी धर्मपत्नी श्री सुशीला सतपथी के द्वारा शुरू किया गया था।…

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पूरी से माता विमला, माता लक्ष्मी सहित भगवान जगन्नाथ के नीलचक्र पहुंचते ही जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में गूंजे हरिनाम, निकली भव्य शोभा यात्रा, जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक आयोजन.

21 मई से शुरू होगा सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि. कुनकुरी/दोकड़ा. 17 मई 2025 : श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में 21 मई से प्रारंभ होने जा रहे 7 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। पूरी से माता विमला, माता लक्ष्मी और भगवान जगन्नाथ का नीलचक्र आज भव्य शोभायात्रा के साथ मंदिर परिसर पहुंचा, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और हरिनाम संकीर्तन के बीच उसका स्वागत किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव…

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