कृषि विभाग की बड़ी तैयारी : जिले के सहकारी समितियों और डबल लॉक केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद भंडारित, किसानों को समय पर मिलेगा उर्वरक

जशपुर : कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। अद्यतन स्थिति में सहकारी समितियों में युरिया 3762.840 मे.टन.एन.पी.के. 973.550 मे.टन डीएपी 1954.950 मे.टन.सु.फा. 245.950 मे.टन, व म्यूरेट आफ पोटाश 525.300 मे.टन. कुल 7462.590 मे.टन. रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी तरह डबल लाक केन्द्रों में युरिया 1671.39 मे.टन.एन.पी. के. 225.5 मे.टन. डीएपी 872.650 मे.टन. सु.फा. 24.750 मे.टन. व म्यूरेट आफ पोटाश 68.25 मे.टन कुल 2862.54 मे.टन. रासायनिक खाद संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध है।

Read More

जशपुर में नाशपाती क्रांति: फलों की खेती ने बदली किसानों की किस्मत, सन्ना के बागानों से पड़ोसी राज्यों तक पहुंच रही मिठास

नाशपाती की फसल बनी किसानों के जीवन यापन का महत्वपूर्ण साधन जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में तहसील सन्ना क्षेत्र के आस पास के किसान नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे हैं। करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना के श्री अनिल एक्का ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की योजना और नाबार्ड योजना का लाभ लेकर स्वयं की निजी भूमि लगभग 4 से 5 एकड़ में नाशपाती की अच्छी फसल ले रहे…

Read More

ड्रिप सिंचाई और आधुनिक तकनीक ने बदली किसान की किस्मत, ग्राफ्टेड बैंगन से प्रति एकड़ 155 क्विंटल उत्पादन कर लाखों कमा रहे नवीन साव

कृषि में नवाचार की मिसाल- ग्राफ्टेड बैगन की खेती से लाखों की आय अर्जित कर रहे कृषक नवीन परंपरागत धान के बदले उद्यानिकी को अपनाया, प्रति एकड़ उत्पादन 21 क्विंटल से बढ़कर हुआ 155 क्विंटल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के समन्वय से बदली किसान की तकदीर रायपुर : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती पारंपरिक विधि की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी है। इसमें दो अलग-अलग पौधों को जोड़कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है, जिससे पौधे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और…

Read More

जशपुर में किसानों के लिए राहत भरी खबर, सहकारी समितियों और संग्रहण केंद्रों में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध, कृषि विभाग ने जारी किए आंकड़े

जशपुर : कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार  जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। अद्यतन स्थिति में सहकारी समितियों में युरिया 3762.840 मे.टन.एन.पी.के. 973.550 मे.टन डीएपी 1954.950 मे.टन.सु.फा. 245.950 मे.टन, व म्यूरेट आफ पोटाश 525.300 मे.टन. कुल 7462.590 मे.टन. रासायनिक खाद उपलब्ध है। इसी तरह डबल लाक केन्द्रों में युरिया 1671.39 मे.टन.एन.पी. के. 225.5 मे.टन. डीएपी 872.650 मे.टन. सु.फा. 24.750 मे.टन. व म्यूरेट आफ पोटाश 68.25 मे.टन कुल 2862.54 मे.टन. रासायनिक खाद संग्रहण केन्द्रों में उपलब्ध है।

Read More

वाटरशेड योजना ने बदली किसान छबी लाल की तकदीर : पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई कहानी

सफलता की कहानी : वाटरशेड योजना बनी किसान छबी लाल की समृद्धि का आधार रायपुर : प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत संचालित वाटरशेड विकास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई किसानों की किस्मत बदल दी है। ये परियोजनाएं जो वर्षा जल संरक्षण और भूमि की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित हैं, छोटे और सीमांत किसानों के लिए समृद्धि का मार्ग बन गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित वाटरशेड विकास योजना आज अनेक परिवारों के लिए वरदान साबित हो…

Read More

जशपुर में बेमौसम बारिश का कहर : खेतों में जलभराव से बढ़ा फसल नुकसान का खतरा, कृषि विभाग ने किसानों के लिए जारी की 7 सूत्रीय एडवाइजरी

जशपुर में बेमौसम बारिश से फसल बचाने किसान भाइयों को कृषि विभाग की सलाह जारी जशपुर : विगत सप्ताह हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव से उद्यानिकी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से बीमारी और कीट प्रकोप तेजी से फैलने का खतरा है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए 7 सूत्रीय सलाह जारी की है। विशेषज्ञों की मुख्य सलाह: 1. पानी निकासी: खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सड़न व फफूंद…

Read More

परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक तकनीक अपनाते ही चमकी किसान महेश कश्यप की किस्मत! ड्रिप सिंचाई और सब्जी उत्पादन से लाखों की कमाई कर बने पूरे क्षेत्र के रोल मॉडल

उद्यानिकी की आधुनिक तकनीकों से किसान महेश कश्यप की बदली तकदीर रायपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत कछार निवासी श्री महेश कश्यप आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं। कभी पारंपरिक खेती के कारण बढ़ती लागत और घटते लाभ से परेशान रहने वाले महेश ने उद्यानिकी विभाग की सहायता से आधुनिक कृषि को अपनाया और अपनी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार किया। परंपरागत खेती से आधुनिकता का सफर  श्री कश्यप पहले परंपरागत फसलों पर निर्भर थे, लेकिन उद्यानिकी विभाग की…

Read More

बिना यूरिया-डीएपी के कमाल : डोलनारायण की जैविक मिर्च खेती ने बदली किस्मत, सिर्फ 75 डिसमिल जमीन से 15 दिनों में कमाए 75 हजार रुपये

सफलता की कहानी : बिना केमिकल, बंपर मुनाफाः डोलनारायण की जैविक मिर्च ने बाजार में मचाई धूम रायपुर : जैविक खेती मिट्टी के स्वास्थ्य को पुनर्जीवित कर, कम लागत में विषमुक्त (रसायन-मुक्त) और पौष्टिक फसल उत्पादन की शक्ति प्रदान करती है। यह टिकाऊ कृषि पद्धति केंचुआ खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण अपनाकर न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि कृषि लागत में कमी और बेहतर बाज़ार मूल्य के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित करती है। जैविक खेती के माध्यम से डोलनारायण जैसे किसान अपनी मेहनत,…

Read More

खेती में नई हरित क्रांति की दस्तक: हरी खाद से 20% तक बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों की लागत होगी कम

विशेष लेख : हरी खाद- खेती में बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत होगी बेहतर धनंजय राठौर – संयुक्त संचालक जनसंपर्क रायपुर : आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो देश समृद्ध होगा।  कृषि विभाग…

Read More

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जशपुर में विकास की नई रफ्तार: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल, हर साल ₹6,000 की सहायता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत और किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: जशपुर के 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल हर वर्ष 6 हजार रुपए की सहायता से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान जशपुर : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना न केवल किसानों को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। जशपुर जिले में इस योजना का व्यापक प्रभाव देखने…

Read More