मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने दिखाई संवेदनशीलता : “अब मैं सुन सकती हूं!”- बुंदा लकड़ा को मिला श्रवण यंत्र, बुंदा लकड़ा को लौटाई सुनने की शक्ति, मुख्यमंत्री की पहल ने बदली ज़िंदगी.

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित बुंदा लकड़ा को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र.  प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद. जशपुर. 24 जून 2025 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में श्रवण दोष से पीड़ित ग्राम पाकरगांव की बुंदा लकड़ा को श्रवण यंत्र प्रदान कर एक महत्वपूर्ण मानवीय पहल की गई। इस सहायता से बुंदा लकड़ा के जीवन में न…

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तीन साल तक नाती-पोतों की आवाज को तरसते रहे 85 वर्षीय हरिहर यादव, मुख्यमंत्री की पहल से श्रवण यंत्र मिलते ही आँखों से छलक पड़ीं खुशी की बूंदें

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष की पीड़ित हरिहर को मिला श्रवण यंत्र, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद जशपुर, 04 जून 2025/ अपने नाती, पोते पोतियों की मधुर आवाज हरिहर यादव के जीवन में फिर से एक नई उमंग भर देता है। 85 वर्ष के हो चुके ग्राम रौनी, तहसील सन्ना निवासी हरिहर को लगभग 3 वर्ष पूर्व सुनाई देना बंद हो गया था। उम्र का यह दौर और कान से सुनाई नहीं देना उसके तकलीफ को और बढ़ा देता था। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या…

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एक आवेदन, एक यंत्र और फिर लौटा जीवन का संगीत – जशपुर के केशव की कहानी बनी उम्मीद की मिसाल

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष की पीड़ित केशव को मिला श्रवण यंत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद जशपुर, 17 अप्रैल 2025/ अपने बच्चों की मधुर बातें सुनना, प्रकृति की सुरम्य ध्वनियाँ महसूस करना ये जीवन को जीवंत और आनंदमय बना देती हैं, लेकिन जब सुनने की शक्ति छिन जाती है तब जीवन का ये संगीत जैसे थम सा जाता है। ऐसा ही कुछ बीता तपकरा निवासी श्री केशव प्रसाद पैंकरा के साथ। एक बीमारी के कारण धीरे-धीरे उनकी श्रवण क्षमता कमजोर होती चली गई। वक्त के साथ एक कान…

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“सरकार जब संवेदना से चलती है, तो चुप्पी भी बोल उठती है : श्रवण यंत्र पाकर बलसाय और बलिस ने पाया नया सवेरा” मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की मानवता केंद्रित पहल ने फिर से जोड़ी दो ज़िंदगियों की टूटी धुन

जशपुर, 24 मार्च 2025/ मनुष्य की पांच इंद्रियां आंख, कान, नाक जीभ और त्वचा हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है यें इंद्रिया हमें देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद लेने और छूने की क्षमता प्रदान करती है। इनमें से कोई एक काम करना बंद कर दें तो जीवन बेरंग सा हो जाता है। आज के समय आधुनिक चिकित्सा में ऐसे उपकरण और ईलाज की पद्धति आ गई है जिससे काफी हद तक इसका उपचार संभव हो सका है, लेकिन कई लोग आर्थिक तंगी की वजह से ईलाज नहीं करा पाते हैं।…

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