25 साल बाद खेलों पर बड़ा मंथन: वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस ने खेल बजट 2026-27 के लिए रखा ठोस विजन, हर ब्लॉक में कोच नियुक्ति की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश के खेल बजट 2026-27 के लिए सुझाव कोच और व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति की जाए अनिवार्य (आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ खेल पत्रकार) रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास किया है। इस छोटे से प्रदेश में खेलकूद की गतिविधि बढ़ी है। छत्तीसगढ़ में हाकी, क्रिकेट, बैडमिंटन, तैराकी, एथलेटिक्स, फुटबाल, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, टेनिस, बैडमिंटन, कबड्डी, बास्केटबाल मलखंब आदि खेलों में खेल मैदान और प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हुई है। शुरुआती दौर में खेलकूद हेतु आवश्यक धन…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लॉडियस की कलम से उभरी छत्तीसगढ़ की खेल शक्ति: ज्ञानेश्वरी यादव की स्वर्णिम उड़ान और ओलंपिक सपने का जीवंत दस्तावेज

राष्ट्रीय भारोत्तोलन स्पर्धा-2026 : ज्ञानेश्वरी यादव ने जीता स्वर्ण पदक, ओलंपिक में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा पदक जीतने के करीब रायपुर : समूह खेल और एकल खेल में सफलता या असफलता का अर्थ एक ही होता है। जहां तक श्रेय लेने की बात आती है तो एकल खेल में भाग लेने वाले प्रतिभागी की उपलब्धि के लिए उसकी मेहनत, परिश्रम, अनुशासन, त्याग, पक्का इरादा जिम्मेदार होता है जबकि समूह खेल में मिली सफलता के लिए टीम के सभी प्रतिभागियों का सामूहिक प्रदर्शन इसके लिए शाबासी प्राप्त करता है। आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक…

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वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लाडियस की विशेष टिप्पणी: ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में निडरता और साहस ही विजेता बनाते हैं, अल्काराज और रायबाकिना की जीत से मिली प्रेरणा

निडर होकर करें विपक्षी का सामना : आस्ट्रेलियन ओपन 2026, महिला वर्ग में एलेना रायबाकिना, पुरुष वर्ग में कार्लोस अल्काराज विजेता रायपुर : भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे लोकप्रिय खेल के सामने अन्य खेल और उनके कुछ खिलाडिय़ों की उपलब्धि गुमनामी में खो गई है। इनमें से एक है आस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस के मुकाबले। इसमें सबकी नजरें पुरुष वर्ग के विजेता की ओर लगी रही। इसकी वजह थी सर्बिया के नोवाक जोकाविच जैसे टेनिस के महान पुरुष खिलाड़ी इस बार कैसे खेलेंगे? क्या वे 2026 के पहले ग्रेंडस्लेम टाइटिल पर कब्जा…

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खेलो इंडिया से ओलंपिक सपने तक: जसवंत क्लाडियस का विश्लेषण—2615.90 करोड़ के खेल बजट से भारत विश्व खेल मंच पर मजबूत दावेदार

जारी है भारत को विश्व खेल मंच में स्थापित करने की कोशिश : 2026-27 में खेल गतिविधि हेतु केंद्र सरकार द्वारा 2615.90 रु. आबंटित रायपुर : खेलकूद का जीवन में महत्व को आधुनिक युग में अधिक करीब से समझा जा रहा है। इसके लिए देश-विदेश में लगातार कोशिश की जा रही है जबकि मनुष्य अपनी जिंदगी में लंबे समय तक निरोग और फिट रह सके। भारत में आज करीब 145 करोड़ की आबादी में से 18 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या लगभग 28 से 38 करोड़ तक हो…

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महात्मा गांधी और खेलकूद : शरीर, मन और समाज के संतुलन का दर्शन, खेल व्यक्तिगत प्रसिद्धि नहीं, सामूहिक भाईचारे का प्रतीक हो” — महात्मा गांधी.

महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) में खेलकूद पर उनके विचार : खेल व्यक्तिगत प्रसिद्धि नहीं, सामूहिक भाईचारे का प्रतीक हो – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी. रायपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायक ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और सादगी के प्रतीक थे। खेलकूद और व्यायाम को लेकर उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में थे। गांधी जी खेल को व्यक्तिगत प्रसिद्धि का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, अनुशासन और सामूहिक भाईचारे का माध्यम मानते थे।…

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विशेष लेख : क्या खेल से ईश्वर की अनुभूति संभव है? स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी क्यों प्रासंगिक हैं

12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जी की जन्म तिथि पर विशेष लेख खेल आध्यात्मिक, मानसिक, शारीरिक दृढ़ता के लिए जरूरी इस जगत  के  सभी  मनुष्यों ने जीवन में खेल के महत्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। खेलकूद का अंत जय या पराजय होता है। लेकिन उसका प्रभाव जीवन में गहरा होता है। खिलाड़ी मैदान में प्रतिद्वदी से भिड़ने के लिए उतरता है तो सबसे पहले वह ईश्वर से संघर्ष  करने  की कौशलता और मुकाबला करने में सक्षम होने की प्रार्थना करता है। बाद में तकनीक और रणनीति के बदलाव…

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विशेष लेख : खेलकूद, अनुशासन और राष्ट्रभावना का संगम ; लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-दर्शन में स्वस्थ भारत की परिकल्पना

11 जनवरी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि : खेलकूद के प्रति शास्त्री जी का दृष्टिकोण मेरे विचार से खेलकूद और मनुष्य का जीवन एक सिक्के के दो पहलू हैं। इस संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति समाज के किसी ना किसी क्षेत्र से जुड़ा होता है। वह वैज्ञानिक, चिकित्सक, लेखक, विचारक, कृषक, प्रशासक या नेतृत्वकर्ता हो सकता है लेकिन खेलकूद का उसके मन मस्तिष्क में महत्व होता है। हमारे देश के प्रधानमंत्रियों में भी खेल के प्रति लगाव पाया जाता है। भारत के पूर्व…

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विश्व खेल मंच पर भारत का बढ़ता दबदबा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 वर्षों के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय खेलों का ऐतिहासिक कायाकल्प, खेलो इंडिया से ओलंपिक सपनों तक

विश्व में भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ता प्रभाव : भारत में खेलों के सर्वकालीन, सर्वश्रेष्ठ चिंतक, सुधारक – नरेन्द्र मोदी रायपुर : समय बड़ी तेजी के साथ निकल रहा है। भारत को पिछले 78 वर्षों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में मिली सफलता की चर्चा भरपूर होती है। परंतु खेलकूद एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रतिभागियों की 2014 के बाद उपस्थिति पर अपेक्षाकृत ज्यादा जानकारी प्रकाश में आ रही है। वास्तव में यही वे 11 वर्ष हैं जिस दौरान नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने भारत को…

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छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी “शहीद वीरनारायण सिंह” (10 दिसंबर पुण्यतिथि पर विशेष): छत्तीसगढ़ की माटी के प्रथम शहीद का दिवस—वीर नारायण सिंह, जिन्होंने अन्याय के विरुद्ध जनता के पक्ष में इतिहास रचा

जो भरा नहीं है भावों से,जिसमें बहती रसधार नहीं । वह हृदय नहीं है पत्थर है,जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।। (राष्ट्रकवि मैथिली शरण गुप्त) इतिहास के पन्ने यदि हम पलटें तो देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम में सभी धर्म, जाति, सम्प्रदाय के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के देश भक्ति की भावना से प्रेरित होकर बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था,अपना तन-मन-धन से सर्वस्व न्यौछावर किया था। प्राकृतिक सम्पदा से युक्त गौरवशाली ऐश्वर्य से अभिमण्डित हिमालय से कन्याकुमारी तक के इस भू-भाग पर स्थित माँ भारती अपनी करोड़ों भारतीय…

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विशेष लेख : जशपुर में एडवेंचर टूरिज्म का नया युग — देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर ने बढ़ाया पर्यटन का ग्राफ

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पर्यटन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में जशपुर अब सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि रोमांचक पर्यटन के लिए भी पहचाना जाने लगा है। जशपुर के “देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर” ने इस दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। यह स्थान अब उन साहसिक यात्रियों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है जो रॉक क्लाइम्बिंग के साथ प्रकृति की शांति को भी महसूस करना चाहते हैं। देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर को इस तरह…

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