जनजातीय समुदाय की पारंपरिक व्यंजन हमारी परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक – विधायक श्रीमती रायमुनी भगत जशपुरिया जायका कार्यक्रम में जनजातीय समुदायों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को जानने उत्सुक दिखे लोग स्वादिष्ट होने के साथ ही पौष्टिकता से भरपूर होते हैं यह व्यंजन जशपुर, 23 अगस्त 2025/ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत आज वशिष्ठ कम्युनिटी हाल में आयोजित जशपुरिया जायका कार्यक्रम में लोगों को जशपुर की संस्कृति में रची बसी आदिवासी समुदायों के पारंपरिक व्यंजनों को जानने और समझने का अवसर मिला। यहां पर जशपुर की स्थानीय…
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नन्हें बाल गोपालों के संग मुख्यमंत्री निवास में हर्षोल्लास के साथ मनाई जन्माष्टमी
नन्हें बालगोपालों की अठखेलियों से गुलजार हुआ मुख्यमंत्री निवास रायपुर, 16 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव राजधानी रायपुर के बैरन बाजार स्थित आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया। बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी अठखेलियों और मनमोहक वेशभूषा से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूरे निवास परिसर को फूलों, रंगीन रोशनियों और सजावट से सुसज्जित किया गया,…
Read Moreछत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राज्य के हर वर्ग, हर समाज और हर उम्र के लोगों की सहभागिता होगी छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में – मुख्यमंत्री श्री साय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का किया शुभारंभ – 15 अगस्त से अगले 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में होगा आयोजन रायपुर, 15 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे…
Read Moreमुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा, आज़ादी की लड़ाई में प्रदेश की भागीदारी और शासन की उपलब्धियों का प्रभावशाली चित्रण 15 से 21 अगस्त तक प्रातः 10:30 से रात 8:00 बजे तक कर सकेंगे अवलोकन रायपुर, 15 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित…
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल, कहा- भारत का विभाजन इतिहास की एक गहरी पीड़ा
रायपुर, 14 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा…
Read Moreमाटी कला और हस्तशिल्प को नई पहचान: अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती ने किया दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिले का अवलोकन
कुनकुरी-रायपुर, 09 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती ने दंतेवाड़ा जिले के कुम्हारास माटी कला केंद्र का अवलोकन कर पारंपरिक माटी कला को बढ़ावा देने और कुम्हारों की आजीविका सुधारने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। इस दौरान उन्होंने केराकोटा सम्मान बाजार की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए और कलेक्टर को कहा कि क्षेत्र के कुम्हारों द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तनों को न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जाए। इन उत्पादों को माटी कला बोर्ड के माध्यम से बेचा जाएगा, जिससे कुम्हारों की आर्थिक स्थिति…
Read Moreकुनकुरी में छेरछेरा पुन्नी का अनोखा नजारा: कला-संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव
कुनकुरी/ छत्तीसगढ़ की अद्भुत कला और संस्कृति का एक मनमोहक दृश्य कुनकुरी के शंकर नगर में देखने को मिला, जहां साल के पहले पर्व छेरछेरा पुन्नी का उल्लास हर घर में झलका। इस पारंपरिक त्योहार में वार्ड की बहनें और छोटी बच्चियां छत्तीसगढ़ी पहनावे में सज-धज कर छेरछेरा मांगने निकलीं। छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवंत रखती पहलछेरछेरा मांगने की परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए महिलाएं और बच्चियां समूह बनाकर हर घर गईं। इस दौरान वे स्पीकर पर छत्तीसगढ़ी गानों की धुन पर पारंपरिक नारे लगाते हुए छत्तीसगढ़ महतारी…
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