जशपुर जम्बुरी 2025 : देशदेखा में लोक कलाकारों के संग झूमे पर्यटक, चांदनी रात में सितारों के नीचे किया स्टार ग्रेजिंग का आनंद जशपुर : जशपुर की वादियों में संस्कृति, संगीत और सितारों की रौशनी ने मिलकर एक अद्भुत माहौल बना दिया। “जशपुर जम्बुरी 2025” के पहले दिन देशदेखा पर्यटन स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में 120 से अधिक पर्यटक शामिल हुए और उन्होंने स्थानीय लोक कलाकारों के साथ जमकर थिरकते हुए लोक संस्कृति का आनंद उठाया। कार्यक्रम के दौरान जशपुर की पारंपरिक आतिथ्य भावना ने हर पर्यटक का दिल जीत…
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संभाग स्तरीय सरस मेला 2025: “महिलाओं का हुनर, जशपुर का गौरव” थीम पर मयाली में दिखेगा आत्मनिर्भरता का उत्सव
संभाग स्तरीय सरस मेला 2025 में महिला सशक्तिकरण की दिखेगी झलक 6 से 9 नवंबर तक मयाली में लगेगा सरस मेला “महिलाओं का हुनर, जशपुर का गौरव” थीम पर होगा आयोजन जशपुर : जिला प्रशासन जशपुर एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के संयुक्त तत्वावधान में संभाग स्तरीय सरस मेला – 2025 का आयोजन जशपुर में किया जाएगा। इसका आयोजन 06 से 09 नवम्बर 2025 तक विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम मयाली में किया जाएगा। यह मेला आत्मनिर्भर ग्रामीण महिलाओं के हुनर, कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य…
Read Moreमुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव : पारंपरिक लोक यंत्रों के साथ सुंदर नाचा का हो रहा आयोजन
रायपुर, 24 जुलाई 2025/ मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार के अवसर पर पारंपरिक लोक यंत्रों की गूंज और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा के साथ सुंदर नाचा का आयोजन किया जा रहा है। पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर है। ग्रामीण परिवेश की जीवंत छवि इस सुंदर माहौल में साकार हो गई है। कहीं सुंदर वस्त्रों में सजे राउत नाचा कर रहे कलाकारों की रंगत बिखरी है, तो कहीं आदिवासी कलाकार पारंपरिक लोक नृत्य की मोहक प्रस्तुतियाँ दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ का अद्भुत ग्रामीण लैंडस्केप अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक सुंदरता के साथ…
Read Moreमुख्यमंत्री निवास में हरेली उत्सव: छत्तीसगढ़ी परंपराओं की झलक, पारंपरिक कृषि यंत्रों के साथ बिखरी सांस्कृतिक छटा
रायपुर, 24 जुलाई 2025/छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की खुशबू लिए हरेली तिहार का पारंपरिक उत्सव आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निवास में विधिवत रूप से आरंभ हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ प्रत्येक अवसर और कार्य के लिए विशेष प्रकार के पारंपरिक उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग होता आया है। हरेली पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ऐसे ही पारंपरिक कृषि यंत्रों एवं परिधानों की झलक देखने को मिली, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं। काठा सबसे बाईं ओर दो गोलनुमा लकड़ी की संरचनाएँ…
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